चंडीगढ़ , मार्च 30 -- पंजाब राज्य सैनिक बोर्ड की 35वीं बैठक सोमवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने रक्षा सेवा कल्याण विभाग और पंजाब राज्य सैनिक बोर्ड द्वारा शहीदों के परिवारों, पूर्व सैनिकों , विधवाओं और उनके आश्रितों के लाभ के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने लाभार्थियों तक इन योजनाओं की प्रभावी और निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

विस्तृत चर्चा के बाद, बोर्ड ने 7 मार्च 2025 को हुई पिछली बैठक में अनुमोदित एजेंडा बिंदुओं की पुष्टि की। इसके साथ ही, बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'फ्लैग डे फंड' के माध्यम से वित्त पोषित होने वाली कई नई कल्याणकारी पहलों को मंजूरी दी, जिनमें , दिवंगत पूर्व सैनिकों के परिवारों के लिए 10,000 रूपये की अतिरिक्त सहायता, सेवा के दौरान जान गंवाने वाले अग्निवीरों के परिजनों के लिए गुजारा भत्ता और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए 'पंजाब अमलगमेटेड फंड' से पूर्व सैनिकों के मेधावी बच्चों के लिए विशेष छात्रवृत्ति शामिल हैं। बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए इन योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु आवश्यक बजट आवंटन को भी मंजूरी दे दी है।

राज्यपाल ने सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, विधवाओं और उनके परिवारों के कल्याण के प्रयासों को और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "पंजाब के बहादुर सैनिकों ने हमेशा देश की सीमाओं की रक्षा में अग्रिम पंक्ति में रहकर कर्तव्य की वेदी पर सर्वोच्च बलिदान दिया है। यह समाज और सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम यह सुनिश्चित करें कि उनके परिवारों को अत्यंत सम्मान मिले और उन्हें किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े।"राज्यपाल ने शहीदों के बच्चों की शिक्षा में सहायता और वीर नारियों के लिए महिला सशक्तिकरण की पहलों को मजबूत करने पर विशेष बल दिया।

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