चंडीगढ़/बलाचौर/समराला , जनवरी 09 -- छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने शुक्रवार को घोषणा की कि 2027 में पंजाब में कांग्रेस सरकार बनने के बाद, वह राज्य में मनरेगा को फिर से शुरू करने के लिए एक विशेष प्रावधान करेगी।

कांग्रेस ने 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत शुक्रवार को नवांशहर और लुधियाना ज़िलों को कवर करते हुए बलाचौर और समराला में दो रैलियां कीं। पार्टी नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच पूरी एकता पर भी ज़ोर दिया और दोहराया कि 2027 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत के बाद मुख्यमंत्री कोई भी बने, कांग्रेस पार्टी लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री बघेल ने कहा कि अगर भाजपा सरकार 2029 तक इसे फिर से शुरू नहीं करती है, तो केंद्र में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने पर कांग्रेस सरकार इसे फिर से शुरू करेगी। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस गरीबों और दलितों के कल्याण और भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर अडानी और अंबानी जैसे कुछ चुनिंदा दोस्तों के लिए काम करने का आरोप लगाया, जिन्हें भाजपा सरकार सब कुछ दे रही थी।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का असली इरादा इस योजना को पूरी तरह से खत्म करना था और मनरेगा की जगह लाया गया नया कानून गरीबों और वंचितों को धोखा देने के लिए सिर्फ एक दिखावा था। उन्होंने बताया कि कैसे भाजपा सरकार ने फंड बांटने की व्यवस्था बदल दी है, जो पहले गांवों और पंचायतों में तय होता था, लेकिन अब दिल्ली में तय होगा। उन्होंने कहा कि अधिकार आधारित कानून को दान में बदल दिया गया है। रैली को संबोधित करते हुए पीसीसी अध्यक्ष अमरिन्द्र सिह राजा वडिंग ने कहा कि भाजपा और आप एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने कहा कि जहां भाजपा ने अब मनरेगा को खत्म कर दिया है, वहीं आप इसे लागू करने में पहले ही फेल हो चुकी थी। उन्होंने लुधियाना का उदाहरण दिया, जहां मनरेग के तहत कवर किए गए 1.21 लाख परिवारों में से सिर्फ 12 परिवारों को 100 दिन का काम मिला था।

राजा वडिंग ने विपक्ष के उन सभी दावों को भी खारिज कर दिया कि कांग्रेस बंटी हुई है। उन्होंने कहा कि चूंकि भाजपा और आप सहित विपक्षी पार्टियों के पास कांग्रेस के खिलाफ कुछ भी नहीं है, इसलिए वे अब पार्टी में गुटबाजी के बारे में अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होने दोहराया कि वह खुद मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि पार्टी के किसी भी नेता ने यह नहीं कहा कि वह इस दौड़ में हैं। उन्होंने कहा, "हम सभी चाहते हैं कि कांग्रेस राज्य में सरकार बनाये।"पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मनरेगा को कांग्रेस ने 2005 में सभी राजनीतिक पार्टियों से सलाह-मशविरा करने के बाद शुरू किया था। उन्होंने बताया कि संसद की स्थायी समिति, जिसने संसद में पास होने से पहले इस पर विस्तार से चर्चा की थी, उसकी अध्यक्षता भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने की थी। पंजाब की स्थिति का जिक्र करते हुए बाजवा ने कहा कि यहां कोई भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। लेकिन, उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस एक महीने के अंदर सभी गैंगस्टरों को खत्म कर देगी, उसी तरह जैसे पार्टी ने पंजाब से आतंकवाद को खत्म किया था। उन्होंने आप पर पंजाब के संसाधनों को लूटने का आरोप लगाया और बताया कि पंजाब की नदियों से रेत कैसे लूटी जा रही है। श्री केजरीवाल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि रेत खनन से पंजाब की आय हर साल 20,000 करोड़ रुपये होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से पूछा, "यह सारा पैसा कहां गया?"श्री बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर धार्मिक संस्थानों में दखल देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने उनसे पूछा कि एसजीपीसी से जवाबदेही मांगने के बजाय, उन्हें (मान) अपनी जवाबदेही के बारे में जवाब देना चाहिए कि उन्होंने पिछले चार सालों में पंजाब के लिए क्या किया है।

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