नयी दिल्ली , दिसंबर 03 -- सरकार ने पंजाब में, खास कर जेलों में नशाखोरी की समस्या की समस्या को स्वीकार करते हुए बुधवार को राज्य सभा में बताया कि वहां 10 केंद्रीय जेलों में नशामुक्ति केंद्र खोले गये हैं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने देश में नशाखोरी की समस्या और नशामुक्त भारत अभियान से जुड़े मुद्दों पर प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुये यह भी बताया कि नशामुक्त भारत अभियान के तहत स्थापित राष्ट्रीय हेल्पलाइन सफलतापूर्वक काम कर रही है। 1444 नंबर की इस हेल्पलाइन पर अब तक 4.30 लाख शिकायतें दर्ज करायी गयी है जिनका निराकरण भी किया गया है।

पंजाब में मादक द्रव्यों के सेवन की बढ़ती समस्या तथा वहां 20 नशामुक्ति केंद्रों पर हाल में (ईडी) के छापों के दौरान इन केंद्रों के माध्यम से कथित तौर पर ड्रग्स की आपूर्ति किये जाने के बारे में आम आदमी पार्टी (आप) की स्वाती मालीवाल के सवालों का जवाब देते हुए श्री वर्मा ने कहा , 'हमारा मंत्रालय नशामुक्ति के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर एक नोडल एजेंसी के रूप में काम करता है, पर पंजाब में जेलों में नशाखोरी का ज्यादा प्रचलन है । उसकी रोकथाम करने के लिए हमने अकेले पंजाब में दस केंद्रीय जेलों में नशामुक्ति केंद्र खोले हैं।" उन्होंने कहा कि सदस्य द्वारा उठाये गये मुद्दे चिंता का विषय है और मंत्रालय उनकी समीक्षा करेगा।

सुश्री मालीवाल ने केद्र सरकार से जानना चाहा था कि क्या वह पंजाब में नशामुक्त अभियान के लिए निर्धारित धन को इसी काम पर खर्च किये जाने की कोई व्यवस्था करायेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशामुक्ति के बारे में बड़े-बड़े विज्ञापन-पट लगवाने और नशाखोरी के प्रचार पर करोड़ों रुपये बहा रही है पर राज्य में यह समस्या बढ़ती जा रही है।

भाजपा के नरेश बंसल के एक पूरक सवाल पर श्री वर्मा ने बताया कि नशामुक्ति भारत अभियान में प्रजापित ब्रह्मकुमारी, आर्ट ऑफ लिविंग, निरंकारी समाज की एक संस्था और रामकृष्ण मिशन जैसे कुछ धार्मिक और आध्यात्मिक संगठनों के साथ सहयोग के समझौते किये गये हैं ।इनके सहयोग से अभियान में 3.37 करोड़ लोगों से संपर्क किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कुछ और संगठनों से भी करार किये जा सकते हैं।

प्रश्नकाल में कांग्रेस की सदस्या रंजीत रंजन ने बिहार में शराबबंदी के बाद खास कर 12-14 वर्ष की आयु के युवाओं में स्मैक जैसे सूखे मादक द्रव्यों के सेवन की कथित तौर पर बढ़ती प्रवृत्त का उल्लेख करते ऐसे पदार्थों के आपूर्ति के स्रोत पर सवाल उठाया। मंत्री श्री वर्मा ने बताया कि मादक द्रव्यों के स्रोत का मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता , पर उन्होंने कहा कि 2020 में शुरू नशामुक्त अभियान शुरू में 272 जिलों पर केंद्रित था। इसे 2023 में पूरे देश लागू कर दिया गया और इस समय 776 में से 733 जिले में इसका प्रयोग किया जा रहा है।

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