जालंधर , जनवरी 04 -- पंजाब में कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने रविवार को राज्य में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार के तहत राज्य को असल में गैंगस्टरों के हवाले कर दिया गया है।
अमृतसर में आज एक शादी समारोह के दौरान वल्टोहा के पूर्व सरपंच झिरमल सिंह की दिनदहाड़े बेरहमी से गोली मारकर हत्या किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री खैरा ने कहा कि इस चौंकाने वाली घटना ने एक बार फिर पंजाब सरकार की अपने नागरिकों की जान की रक्षा करने में पूरी तरह विफलता को उजागर किया है। उन्होंने कहा, "अगर शादियों जैसे सार्वजनिक समारोहों में लोगों को बेरहमी से गोली मारी जा रही है, तो यह साफ दिखाता है कि अपराधियों को अब कानून का कोई डर नहीं है।"उन्होंने कहा कि पंजाब भर में अब ऐसे जघन्य अपराध रोज़ाना हो रहे हैं, जिसमें जबरन वसूली, गोलीबारी, हत्याएं और गैंगवार आम बात हो गई है। गांवों से लेकर शहरों तक, आम आदमी लगातार डर के साए में जी रहा है, जबकि सरकार मूक दर्शक बनी हुई है।
श्री खैरा ने मुख्यमंत्री को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार के सबसे बुनियादी कर्तव्य, यानी अपने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में बुरी तरह नाकाम रहे हैं।उन्होंने पंजाब सरकार पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा कि जब पंजाब आपराधिक अराजकता की आग में जल रहा है, तो आप नेतृत्व ने खुद को अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में घेर लिया है। उन्होंने कहा, "आप सरकार ने भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य जैसे अपने नेताओं के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है, जबकि पंजाब के आम नागरिकों को पूरी तरह से गैंगस्टरों और अपराधियों के भरोसे छोड़ दिया गया है।"उन्होंने कहा , "इस सरकार का संदेश साफ है - वीआईपी लोगों की जान मायने रखती है, आम लोगों की नहीं। हाल के इतिहास में पंजाब ने शासन व्यवस्था के ऐसे विनाशकारी पतन का कभी अनुभव नहीं किया है।" उन्होंने संगठित अपराध के खिलाफ तत्काल और निर्णायक कार्रवाई, वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तथा राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में पूरी तरह बदलाव की मांग की।
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