चंडीगढ़ , मई 11 -- पंजाब की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।
भाजपा में शामिल होने का कार्यक्रम चंडीगढ़ में आयोजित किया गया, जहां नायब सैनी और पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ विशेष रूप से मौजूद रहे। ज्ञान सिंह का भाजपा में जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वह पहले आम आदमी पार्टी (आप) के लिए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में प्रमुख चुनाव प्रभारी की भूमिका निभा चुके हैं।
इस घटनाक्रम को सत्तारूढ़ आप के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में निकाय चुनाव नजदीक हैं। ज्ञान सिंह पहले भी पारिवारिक रिश्तों के बावजूद राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण लोगों की परेशानियां और बढ़ीं।
एक सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व आप रणनीतिकार के तौर पर ज्ञान सिंह कई बार सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के जरिए सरकार की नीतियों की आलोचना करते रहे। कई मुद्दों पर उनका रुख राज्य सरकार के आधिकारिक रुख से अलग देखा गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ज्ञान सिंह के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार को उसके आंतरिक कामकाज और प्रशासनिक मुद्दों पर घेरने का नया अवसर मिलेगा।
इस मौके पर पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने ज्ञान सिंह का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव और राज्य के मुद्दों पर उनकी समझ से पार्टी को मजबूती मिलेगी।
राज्य में महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबलों से पहले हुए इस घटनाक्रम से पंजाब में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक मुकाबला और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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