नयी दिल्ली , दिसंबर 03 -- पंजाब में मानसून के दौरान आयी भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए केन्द्रीय राशि तत्काल जारी करने की बुधवार को लोक सभा में मांग की गयी ।
आम आदमी पार्टी (आप ) के मलविंदर कांग ने शून्य काल में यह मामला उठाते हुए कहा कि राज्य के पाकिस्तान की सीमा से लगे छह जिलों की पांच लाख एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसल अगस्त और सितंबर में आयी बाढ़ में पूरी तरह बर्बाद हो गयी। बाढ़ से 25 गांव तबाह हो गये। प्रभावित इलाके में स्कूल और अस्पताल तक नष्ट हो गये। उन्होंने कहा कि इन बाढ़ प्रभावितों के लिए केन्द्र सरकार की ओर से अब तक कोई राशि उपलब्ध नहीं करायी गयी है।
श्री कांग ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी गये थे और उन्होंने प्रभावितों के लिए 1600 करोड़ रुपये केन्द्र की ओर से उपलब्ध कराने की घोषणा भी की थी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने अब तक बाढ़ पीड़ितों के लिए कोइ भी धनराशि मुहैया नहीं करायी है, जिससे प्रभावितों की समुचित सहायता करने में दिक्कतें आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य के इन जिलों के निवासी हर मुश्किल घड़ी में देश का साथ देने में अगुवाई करते हैं, पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी इन जिलों के लोगों ने बढ़चढ़ कर सैन्य बलों की मदद की थी।
अकाली दल की हरसिमरत कौर ने भी पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए तत्काल केन्द्रीय सहायता राशि जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ब्यास, रावी और सतलुज नदियों के कहर के कारण राज्य के छह सीमावर्ती जिले तबाह हो गये। इन नदियों से उमड़ी इतनी रेत खेतों में जमा हो गयी है कि धान की फसल तो नष्ट हो ही गयी, अब अन्य फसलों की बुवाई भी नही हो पा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से इन गांवों के निवासियों के घर, खेत और जानवर तबाह हो गये थे, जिससे प्रभावितों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके मद्देनजर केन्द्र सरकार को तत्काल सहायता राशि जारी करनी चाहिए।
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