चंडीगढ़ , जनवरी 07 -- पंजाब के जल संसाधन तथा भूमि एवं जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बुधवार को कहा कि 238.90 करोड़ रुपये की लागत से कंडी नहरी नेटवर्क के नवीनीकरण का कार्य पूर्ण होने के बाद अब इस क्षेत्र के 433 गांवों की 1.25 लाख एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई के लिए नहरी पानी उपलब्ध हो रहा है।

श्री गोयल ने कहा कि कृषि सिंचाई को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मान सरकार ने सिंचाई बुनियादी ढांचे के विकास पर वर्ष 2022 से 2025 के दौरान 4557 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये हैं, जो कि पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा वर्ष 2019 से 2022 के दौरान खर्च की गयी लगभग 2046 करोड़ रुपये की राशि से करीब 2.5 गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि मुकेरियां हाइडल चैनल से निकलने वाली 463 क्यूसेक क्षमता की कंडी नहर (तलवाड़ा से बलाचौर), जिसकी कुल लंबाई 129.035 किलोमीटर है, का स्टेज-1 निर्माण वर्ष 1998 में पूरा हुआ था। इसी प्रकार कंडी नहर स्टेज-2 के अंतर्गत (होशियारपुर से बलाचौर तक) मुख्य नहर का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में पूरा किया गया था, लेकिन इन नहरों की हालत खराब होने के कारण इनमें अक्सर लीकेज/सीपेज की समस्या बनी रहती थी और नहरी पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता था। उन्होंने कहा कि तलवाड़ा से बलाचौर तक नहरी पानी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 238.90 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। अब लगभग 40 वर्षों बाद नहरी पानी अंतिम छोर तक पहुंच रहा है।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इससे होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर ज़िलों के कुल 433 गांवों को लाभ हुआ है और दसूहा, मुकेरियां, टांडा-उड़मुड़, शाम चौरासी, होशियारपुर, चब्बेवाल, गढ़शंकर और बलाचौर क्षेत्रों के 1.25 लाख एकड़ क्षेत्र को नहरी पानी मिल रहा है। कंडी नहर स्टेज-1 के अंतर्गत किए गए कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि तलवाड़ा से होशियारपुर तक कंक्रीट लाइनिंग का कार्य 120 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। नहर की बेहतर कार्यक्षमता के लिए कच्चे खालों की बहाली की गई तथा स्टेज-1 के अंतर्गत आने वाली 61 किलोमीटर लंबी कुल 11 डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों का पुनरुद्धार किया गया, जिससे होशियारपुर के 203 गांवों के 28,500 एकड़ क्षेत्र को लाभ हुआ। उन्होंने बताया कि 417.52 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करने वाली 58.78 करोड़ रुपये की भूमिगत पाइपलाइन परियोजना को इस माह पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

होशियारपुर से बलाचौर तक कंडी नहर स्टेज-2 के संदर्भ में श्री गोयल ने बताया कि कंडी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर ज़िलों के किसानों को सिंचाई सुविधाएं प्रदान करने के लिए इस नहर के अंतर्गत आने वाली लगभग 42 किलोमीटर लंबी 6 फ्लो डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों को पुनर्स्थापित किया गया है। इससे 72 गांवों के 18,800 एकड़ क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि इसी नहर से ऊंचे क्षेत्रों को पानी देने के लिए बनाई गई 5 लिफ्ट योजनाओं की स्थिति अत्यंत जर्जर थी, जिन्हें 34 करोड़ रुपये की लागत से पूरी तरह चालू किया गया है। इन लिफ्ट योजनाओं के वितरण तंत्र को भी बहाल किया गया, जिससे होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर के 38 गांवों के लगभग 11,576 एकड़ बरानी क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिल रही है।

जल संसाधन मंत्री ने बताया कि एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल के तहत कंडी नहर से 18 चोओं को 4.18 करोड़ रुपये की लागत से जोड़ा गया है, जिससे इन चोओं में समय-समय पर नहर के माध्यम से पानी छोड़ा जा रहा है और इससे भूजल स्तर में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि मान सरकार द्वारा नहर के माध्यम से उद्योगों को भी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे भूमिगत जल के दोहन में कमी आ रही है और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि हो रही है। भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा काठगढ़ लिफ्ट योजना पर कार्य जारी है, जिसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। इस योजना का पहला चरण अगले महीने चालू हो जाएगा, जिससे काठगढ़, मालेवाल, बाघोवाल, पनियाली कलां, पनियाली खुर्द, सूरापुर, चाहल, सुधा माजरा, कमालपुर, टंडोह, बचवां आदि गांवों के 5,000 एकड़ क्षेत्र को पानी मिलेगा। दूसरे और तीसरे चरण के अगले वर्ष चालू होने पर कोलार, बल्लोवाल, सौंकड़ी, सुधा माजरा, माजरा जट्टां, टौंसा आदि गांवों के 9,000 एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र को पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

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