चंडीगढ़ , मार्च 05 -- पंजाब कांग्रेस ने राज्य की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि राज्य पर कर्ज़ चार लाख करोड़ रुपये की 'रेडलाइन' पार कर चुका है और मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक इसके लगभग 4.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि आम आदमी पार्टी सरकार की बेलगाम कर्ज़ नीति ने पंजाब को दिवालिया होने के कगार पर ला दिया है।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने गुरुवार को राज्य पर बढ़ते कर्ज़ के बोझ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पिछली तीन दशकों की सरकारों ने मिलकर जितना कर्ज़ लिया था, लगभग उतना ही मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार ने कुछ ही वर्षों में ले लिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने 30 वर्षों में करीब तीन लाख करोड़ रुपये का कर्ज़ लिया था, जबकि आप सरकार ने चार वर्षों में ही एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त कर्ज़ जोड़ दिया, जो ज्यादातर गैर-उत्पादक उद्देश्यों के लिए लिया गया। उन्होंने कहा कि कि पिछले चार वर्षों में कोई बड़ा बुनियादी ढांचा विकास परियोजना शुरू नहीं की गयी।
राजा वड़िंग ने कहा कि यह स्थिति आम आदमी पार्टी द्वारा किये गये वित्तीय अनुशासन और राजस्व बढ़ाने के दावों के बिल्कुल विपरीत है। अब हालात ऐसेहो गये हैं कि सरकार को पुराने कर्ज़ों का ब्याज चुकाने के लिए नया कर्ज़ लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इतनी नाज़ुक आर्थिक स्थिति के बावजूद सरकार विज्ञापनों, होर्डिंग्स, बैनरों और सरकारी संपत्तियों की रंगाई-पुताई जैसे गैर-उत्पादक खर्चों पर धन खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता का पैसा राजनीतिक ब्रांडिंग के लिए नहीं होता। जब राज्य कर्ज़ में डूबा हो, तो हर एक रुपया पंजाब की अर्थव्यवस्था और संस्थाओं को मजबूत करने में लगाया जाना चाहिए, न कि किसी पार्टी की छवि चमकाने में बर्बाद होना चाहिए।
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