फगवाड़ा , अप्रैल 02 -- शिवसेना की पंजाब इकाई ने राज्य में अपराध की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए प्रदेश सरकार की कड़ी आलोचना की है और कानून व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने का आरोप लगाया है।
पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत करवाल ने गुरूवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में पंजाब सरकार पर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश पलटा, प्रदेश प्रवक्ता विपिन शर्मा और नगर अध्यक्ष अंकुर बेदी के साथ मिलकर हाल की उन घटनाओं का हवाला दिया, जिन्होंने पूरे राज्य में खतरे की घंटी बजा दी है। इनमें चंडीगढ़ में पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर बम धमाका, होशियारपुर जिले के नूरपुर जट्टां गांव में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ और स्कूलों और सार्वजनिक भवनों को निशाना बनाने वाली धमकियां शामिल हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये घटनाएं बिगड़ती सुरक्षा स्थिति की ओर इशारा करती हैं। राज्य में अपराध दर बढ़ रही है और गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव ने आम जनता के बीच डर पैदा कर दिया है। शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को मिलने वाली धमकियों ने माता-पिता और नागरिकों में व्यापक दहशत पैदा कर दी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस की क्षमता पर , विशेष रूप से उग्रवाद के दौर में उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए कोई सवाल नहीं है , हालांकि वर्तमान राजनीतिक दबाव और अपराधियों के प्रति अपनाए जा रहे "नरम रुख" के कारण पुलिस प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रही है।
शिवसेना नेताओं ने तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए इन घटनाओं के दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और राज्य के सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही शांति और कानून व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो संगठन पूरे पंजाब में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा।
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