फगवाड़ा , जनवरी 05 -- राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से ओमान में फंसी पंजाब की पांच महिलाओं को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। पीड़ितों में से एक, जो जालंधर जिले की रहने वाली है, सुल्तानपुर लोधी में निर्मल कुटिया पहुंची और मीडिया के साथ अपनी दर्दनाक आपबीती साझा की।

पीड़िता ने सोमवार को बताया कि संत सीचेवाल के समय पर हस्तक्षेप के बिना, उसकी सुरक्षित वापसी संभव नहीं थी। गौरतलब है कि उसके परिवार ने 16 दिसंबर, 2025 को संत सीचेवाल से संपर्क किया था, जिसके बाद उन्होंने तुरंत विदेश मंत्रालय (एमईए) के साथ यह मामला उठाया। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, पीड़िता को सिर्फ 14 दिनों के भीतर वापस लाया गया। उसने बताया कि वह 30 दिसंबर को चार अन्य महिलाओं के साथ भारत लौटी। संत सीचेवाल ने पहले भी ओमान में फंसी लगभग 70 भारतीय महिलाओं के बारे में विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर उनकी सुरक्षित वापसी की मांग की थी। पीड़िता के अनुसार, उसे सितंबर में नौकरी के बहाने विदेश भेजा गया था। ओमान पहुंचने पर उसे पता चला कि उसे 1,200 ओमानी रियाल में बेच दिया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि उसने खुलासा किया कि उसे फंसाने वाला कोई और नहीं बल्कि उसकी अपनी मौसी थी, जो उसे ओमान में छोड़कर भारत लौट आयी थी। उसने ओमान में बिताये चार महीनों को अपने जीवन का सबसे भयानक दौर बताया। उस पर लगातार अनैतिक काम करने का दबाव डाला जाता था और जब भी वह विरोध करती थी, तो उसे पीटा और गाली दी जाती थी। जब उसने भारत लौटने की इच्छा जताई, तो उसे बताया गया कि उसे तभी जाने दिया जाएगा जब वह दो लाख का भुगतान करे या अपनी जगह भारत से दो और लड़कियों को बुलाये।

पीड़िता ने बताया कि उसने लगभग दो महीने तक घरेलू सहायिका के रूप में काम किया, लेकिन जब उसे एहसास हुआ कि उसकी गरिमा और सुरक्षा गंभीर खतरे में है, तो वह भागने में कामयाब रही और एक सुरक्षित जगह पर पहुंच गयी। वहां, उसे इसी तरह की परिस्थितियों में फंसी लगभग 70 अन्य भारतीय महिलाएं मिलीं। उन्होंने बताया कि ओमान के मस्कट इलाके में, जवान लड़कियों को घरेलू काम के बहाने फंसाया जाता है और फिर उनका शारीरिक शोषण किया जाता है। उन्हें खुशहाली के सपने दिखाये जाते हैं, लेकिन वहां पहुंचने के बाद सच्चाई बिल्कुल अलग होती है। विरोध करने पर अक्सर खाना नहीं दिया जाता, मारपीट की जाती है और लगातार धमकियां दी जाती हैं।

पीड़ित महिला ने जवान लड़कियों और उनके परिवारों से अपील करते हुए कहा कि वे विदेश में नौकरी से जुड़े झूठे वादों से बहुत सावधान रहें, और चेतावनी दी कि मौजूदा हालात में ओमान जवान लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं है।

मीडिया से बात करते हुए संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि अरब देशों में भारतीय महिलाओं का शोषण एक गंभीर और बहुत चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में ओमान में फंसी लगभग 70 भारतीय महिलाओं के बारे में विदेश मंत्रालय को लिखा था, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गयी और पांच महिलाओं को सुरक्षित वापस लाया गया। उन्होंने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास का आभार व्यक्त किया, और इस बात पर ज़ोर दिया कि मानव तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और बेटी ऐसे आपराधिक जाल का शिकार न हो।

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