चंडीगढ़ , मार्च 15 -- हरियाणा के पंचकुला में पहली बार आयोजित तीन दिवसीय 'वसंत उत्सव-2026' ने शहर को नई पहचान दी। पंचकुला महानगर विकास प्राधिकरण (पीएमडीए) की पहल पर यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला की तर्ज पर किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

इस अवसर पर बंद पड़ा प्रसिद्ध नेशनल कैक्टस एंड सक्यूलेंट बॉटनिकल गार्डन भी लगभग एक वर्ष बाद जनता के लिए फिर से खोल दिया गया।

तीन दिनों तक चले इस उत्सव में कला, संस्कृति और प्रकृति प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी। आगंतुकों के लिए हस्तशिल्प, खाद्य और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के स्टॉल लगाए गए। लोगों ने गोहाना के मशहूर मातू राम हलवाई की जलेबी से लेकर दक्षिण भारतीय व्यंजनों तक कई तरह के स्वादिष्ट पकवानों का आनंद लिया।

पीएमडीए के प्रयासों से कैक्टस गार्डन का व्यापक नवीनीकरण किया गया है। लगभग 300 नई प्रजातियों के कैक्टस लगाए गए हैं और पुणे से 50 से अधिक बड़े पौधे भी लाए गए हैं। गार्डन के क्यूरेटर सी. एस. बेवली ने बताया कि गार्डन को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

उत्सव के दौरान सेक्टर-5 स्थित टाउन पार्क भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम में लोक कलाकारों ने भी रंग जमाया। हरियाणवी गायक गजेंद्र फोगाट, अमित सैनी रोहतकैया और नवीन पूनिया के साथ पंजाबी गायक तरसेम सिंह जस्सर और सूफी गायक कंवर ग्रेवाल ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसके अलावा रंगोली, चित्रकला, फेस पेंटिंग, मेहंदी, फैशन शो, फैंसी ड्रेस, लोक नृत्य, एकल गायन और पर्यावरण क्विज़ सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किए गए। आयोजन के सफल संचालन में जिला प्रशासन और नगर निगम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित