अहमदाबाद , नवंबर 10 -- पश्चिम रेलवे में गुजरात के न्यू भुज रेलवे स्टेशन का उन्नयन कार्य तेजी से प्रगति पर है।

मंडल रेल प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि अहमदाबाद मंडल पर अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के अंतर्गत न्यू भुज रेलवे स्टेशन का उन्नयन कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। इस परियोजना की स्वीकृत लागत लगभग 200 करोड़ रुपये है, जिसमें से लगभग 75 प्रतिशत कार्य अब तक पूर्ण हो चुका है। साथ ही भुज स्टेशन यार्ड में दो पिट लाइन भी बनायी जा रही है, नयी पिट लाइनें बनने से कोचिंग ऑपरेशनों की क्षमता और दक्षता में वृद्धि होगी, जिससे अधिक ट्रेनों की रेक मेंटेनेंस और ऑपरेशन संभव हो सकेगा।

भुज-नलिया मीटर गेज रेलखंड (101.40 किमी) को ब्रॉड गेज लाइन में परिवर्तित किया जा चुका है, जिसे 28 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री ने देश को समर्पित किया था। साथ ही नलिया से जखाऊ पोर्ट तक 28.88 किमी नयी ब्रॉड गेज लाइन का कार्य प्रगति पर है। इससे कच्छ जिले के दूरस्थ क्षेत्रों को देश के रेल नेटवर्क से निर्बाध ब्रॉड गेज संपर्क प्रदान होगा। इस रेल लाइन से पोर्ट कनेक्टिविटी में वृद्धि होगी तथा कच्छ जिले में बंदरगाहों के माध्यम से निर्यात-आयात को प्रोत्साहन मिलेगा। इस क्षेत्र के सीमेंट उद्योगों को भी इससे विशेष लाभ होगा और नमक, खनिज एवं अन्य कच्चे माल के कुशल परिवहन में सुगमता आयेगी।

भुज-नलिया रेल लाइन का आगे वायोर तक (26.55 किमी) विस्तार का कार्य भी प्रगति पर है, इसके पूर्ण होने पर देश की सेना को सीमा क्षेत्र तक पहुंचने और सामान परिवहन में भी सुविधा मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 27 अगस्त 2025 को देशलपार - हाजीपीर - लूना और वायोर - लखपत नई लाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रस्तावित नयी रेल लाइन कच्छ क्षेत्र के सुदूर इलाकों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। यह गुजरात के मौजूदा रेलवे नेटवर्क में 145 रूट किमी और जोड़ेगी, जिसकी अनुमानित लागत 2526 करोड़ रुपये है।

गुजरात राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के अलावा, यह नयी रेल लाइन नमक, सीमेंट, कोयला, क्लिंकर और बेंटोनाइट के परिवहन में भी मदद करेगी। इस परियोजना का सामरिक महत्व यह है कि यह कच्छ के रण को कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। हड़प्पा स्थल धोलावीरा, कोटेश्वर मंदिर, नारायण सरोवर और लखपत किला भी रेल नेटवर्क के अंतर्गत आएंगे क्योंकि 13 नए रेलवे स्टेशन जोड़े जायेंगे जिससे 866 गांवों और लगभग 16 लाख आबादी को लाभ होगा। इन विकासात्मक पहलों से क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी, जिससे सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी।

न्यू भुज स्टेशन का यह रूपांतरण न केवल रेल यात्रियों के लिए बल्कि स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा। भुज स्टेशन को आगामी 40 से 50 वर्षों तक की कच्छ क्षेत्र की यात्रा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर पुनर्विकसित किया जा रहा है।

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