अमरोहा, दिसंबर 07 -- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में 2019 का एक सनसनीखेज मामला पुलिस की साजिश और न्याय की देरी की नज़ीर बन गया है।

गौरतलब है कि 6 फरवरी 2019 को आदमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में किसान की 15 वर्षीय बेटी खेत से गायब हो गई थी। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर 10 फरवरी को नामजद पांच लोगों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया था। हालांकि बाद में अचानक तत्कालीन जांच अधिकारी इंस्पेक्टर अशोक कुमार शर्मा ने उन्हें निर्दोष बताते हुए कागज़ पेश किए और अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया।

28 दिसंबर 2019 को पुलिस ने यू-टर्न लेते हुए किशोरी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले भाई और पिता समेत एक रिश्तेदार को हत्या का आरोपी बताकर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। विवेचना में दावा किया गया कि गलत संगत के चलते परिवार ने इज्जत बचाने के लिए किशोरी की गोली मारकर हत्या कर, शव गंगा में बहा दिया। पुलिस ने सुबूतों सहित तमंचा, कपड़े बरामद करने का दावा किया और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. विपिन ताड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम के खुलासे की तारीफ की थी।

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