रायपुर/कांकेर , दिसंबर 10 -- छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर के डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर अस्पताल में न्यायिक हिरासत के एक बंदी की मौत के बाद प्रदेश कांग्रेस ने जेल और पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्थानीय (भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र) विधायक सावित्री मंडावी ने कांग्रेस एवं सर्व आदिवासी समाज के नेता और चारामा के पूर्व जनपद अध्यक्ष जीवन ठाकुर के मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

श्री बघेल ने सोशल मीडिया एक्स पर इसे राजनीतिक हत्या प्रतीत होने की बात लिखी है।

गौरतलब है कि सर्व आदिवासी समाज के नेता, पूर्व जनपद अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर (जीवन पोया) की मौत चार दिसंबर को पौने आठ बजे हुई। उन्हें कांकेर जेल से रायपुर सेंट्रल जेल में रेफर किया गया था। सामाजिक नेता की मौत के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-30 को सर्व आदिवासी समाज के लोगों छह घंटे तक बाधित किया था।

कांग्रेस ने कहा कि वह सर्व आदिवासी समाज जीवन ठाकुर की मौत की उच्च स्तरीय जांच चाहता है। समाज के लोगों की तरह पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए इसे राजनीति हत्या बताया है। सर्व आदिवासी समाज के गुस्से के बाद जेल एवं सुधारात्मक सेवा (जेल विभाग) की ओर से कांकेर जेल की सहायक अधीक्षक रेणु ध्रुव का तबादला किया गया है। रेणु ध्रुव पर समय पर इलाज नहीं करवाने का आरोप है। जीवन ठाकुर को चारामा थाना पुलिस ने 12 अक्टूबर रविवार को गिरफ्तार करके उसी दिन अदालती आदेश के बाद कांकेर के जिला जेल दाखिल करवा दिया था।

जीवन ठाकुर उनके बेटे नीरज ठाकुर और उनके रिश्तेदार सोप सिंह ठाकुर (पूर्व सरपंच ग्राम मयाना) को कृष्ण कुमार पाटले नायब तहसीलदार चारामा ने फर्जी वन अधिकार पट्टा और फर्जी ऋण पुस्तिका बनवाने का आरोपी माना है। इन दो शासकीय कागजातों को कूट रचना करके बनवाने के बाद इन्हीं कागजातों के सहारे खाद-बीज और केसीसी लोन लेने का आरोप है। खाद- बीज और केसीसी ऋण लेने के कारण छत्तीसगढ़ शासन को 5,17,773 रुपयों की हानि पहुंचाई गई।यह कुल आठ आरोपियों पर आरोप है। नायब तहसीलदार ने ग्राम मयाना के आवेदकों और कुछ शासकीय अधिकारियों के बयान,मौका मुआयना/पंचनामा शासकीय दस्तावेजों की जांच आदि के बाद चारामा थाने को लिखित में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज किए जाने का आवेदन दिया था। नायब तहसीलदार के आवेदन पर चारामा थाना ने 18 सितम्बर को एक प्राथमिकी लिखने के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया, तीन में से एक आरोपी जीवन ठाकुर की मौत हो गई है जबकि,बहुत से आरोपियों ने अदालतों से अग्रिम जमानत लेकर समान्य जीवन जारी रखा है।

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