सागर , जनवरी 20 -- मध्यप्रदेश के सबसे बड़े रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत नौरादेही टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी क्रम में कान्हा टाइगर रिजर्व से लाया गया तीन वर्षीय एक और बाघ रविवार रात नौरादेही टाइगर रिजर्व की मोहली रेंज में छोड़ा गया।
नौरादेही टाइगर रिजर्व प्रबंधन की मौजूदगी में इस नए मेहमान को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया। हाल ही में चल रही विस्थापन प्रक्रिया के तहत मोहली रेंज के उत्तर क्षेत्र में छह गांव खाली हुए हैं, जिससे वन्य प्राणियों के लिए बड़ा सुरक्षित क्षेत्र उपलब्ध हो गया है।
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह बाघ अप्रैल 2023 में पेंच टाइगर रिजर्व में महज चार माह की उम्र में अपनी मां से बिछड़ गया था। इसके बाद उसे कान्हा टाइगर रिजर्व शिफ्ट किया गया, जहां करीब ढाई साल तक उसे घोरेला बाड़े में रखकर शिकार करने और जंगल में स्वतंत्र रूप से रहने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान बाघ ने जंगल में अपना दायरा बढ़ाया और सफलतापूर्वक दो शिकार भी किए। तीन वर्ष की आयु पूरी होने के बाद वन विभाग ने उसे नौरादेही टाइगर रिजर्व में शिफ्ट करने की अनुमति दी।
नौरादेही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. ए. ए. अंसारी ने बताया कि कान्हा से लाए गए बाघ को फिलहाल मोहली रेंज में छोड़ा गया है, ताकि उसका अन्य बाघों से तत्काल आमना-सामना न हो। आने वाले समय में बाघ स्वयं अपनी टेरिटरी विकसित करेगा और स्थानीय पर्यावरण के अनुरूप ढल जाएगा।
डॉ. अंसारी ने कहा कि नए बाघ की आमद से नौरादेही में मौजूद बाघों की आबादी में आनुवंशिक विविधता बढ़ेगी। इससे इनब्रीडिंग की संभावना कम होगी और भविष्य में स्वस्थ तथा मजबूत जीन वाली नई पीढ़ी सामने आएगी, जो किसी भी संरक्षित वन क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
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