नोएडा , फरवरी 19 -- उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में स्थित अग्रणी कृषि-प्रौद्योगिकी कंपनी ने गुरुवार को अपने एआई-आधारित एकीकृत कमांड सेंटर फॉर रिस्क इंटेलिजेंस स्तर के एग्री इंटेलिजेंस केदार-पार्वती का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम भारत में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान आयोजित किया गया।

नोएडा सेक्टर 16 ए स्थित कंपनी में एआई कृषि आधारित पर हुए करार के इस अवसर पर ब्राज़ील सरकार के कृषि विकास एवं पारिवारिक खेती मंत्री पाउलो टैक्सियरा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा। प्रतिनिधिमंडल में एबीसीजेड के अध्यक्ष अरनाल्डो मैनुअल दे सूज़ा माचाडो बोर्जेस, फ़ज़ेंडा फ़्लोरेस्ता से रोबर्टा बर्तिन बारोस और रोजेरियो बारोस सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में कंपनी के शीर्ष पदाधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि,एआई सक्षम आईसीसीआरआई एक लाइव, इन-हाउस कमांड सेंटर है, जो कृषि, जलवायु जोखिम, वित्तीय समावेशन और आपदा प्रबंधन से जुड़े क्षेत्रों में हाइपर-लोकल रियल-टाइम विश्लेषण प्रदान करता है। प्रतिनिधिमंडल ने यहां अग्रणी, पिक्सस्टैक, देवी-सप्तशती, मातृ और केदार-पार्वती जैसे ऑपरेशनल जियोपोर्टल्स का लाइव प्रदर्शन देखा।

केदार-पार्वती अगली पीढ़ी का बड़े पैमाने का एग्री इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है, जिसमें कंपनी के द्वारा निर्मित दो नए मॉड्यूल के रूप में एकीकृत किया गया है। यह प्लेटफ़ॉर्म उपग्रह इंटेलिजेंस, फील्ड एनालिटिक्स, वित्तीय जोखिम मॉडलिंग और क्रॉस-डोमेन लर्निंग को एकीकृत प्रणाली में जोड़ता है। इसे वराहीनेक्स टेक और लीड्स नेक्सटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है।

कार्यक्रम में बोलते हुए लीड्स कनेक्ट के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर नवनीत रविकार ने कहा कि कृषि क्षेत्र में एआई के प्रभावी उपयोग से भारत वैश्विक एआई मानचित्र पर मजबूती से उभर रहा है। उन्होंने कहा कि एआई के माध्यम से उत्पादकता, स्थिरता और किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

बीएल एग्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष खंडेलवाल ने कहा कि केदार-पार्वती ग्रह-स्तरीय अनुप्रयुक्त एआई का उदाहरण है, जो सरकारों, वित्तीय संस्थानों और किसानों सभी के लिए समान रूप से उपयोगी है।

ब्राजील के मंत्री द्वारा दौरे के दौरान छोटे किसानों, सहकारी संस्थाओं और किसान उत्पादक संगठनों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें एआई आधारित सलाह और जोखिम विश्लेषण से उत्पादकता व वित्तीय पहुंच में सुधार के उदाहरण साझा किए गए। साथ ही, आगामी 360 डिग्री भारत-ब्राज़ील एग्री-टेक और एग्री वैल्यू-चेन कॉरिडोर पहल को भी रेखांकित किया गया। इसकी शुरुआत एम्ब्रापा और अमेजनिका मुंडी के सहयोग से काजू वैल्यू-चेन से की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य प्लांटेशन विज्ञान, एआई-सक्षम परामर्श, वित्तीय सेवाएं (क्रेडिट व बीमा), सतत प्रसंस्करण और संरचित बाज़ार एकीकरण को बढ़ावा देना है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित