गौतमबुद्धनगर , अप्रैल 23 -- उत्तर प्रदेश के जिला गौतमबुद्धनगर में लगातार बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन के लिए विस्तृत परामर्श जारी किया है।

जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और खुद के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी लू के प्रभाव से सुरक्षित रखें।

जिलाधिकारी ने गुरुवार को बताया कि अत्यधिक गर्मी में लंबे समय तक रहने या तेज गर्म हवाओं के संपर्क में आने से लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए और यदि किसी को लू के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गर्मी के मौसम में संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अस्पतालों, मॉल, विद्यालयों समेत सभी सार्वजनिक स्थानों पर अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी तरह क्रियाशील रखी जाएं।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार के मार्गदर्शन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा यह यह परामर्श जारी किया गया है। जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने बताया कि लू के दौरान लोगों को नियमित रूप से पानी पीना चाहिए, भले ही प्यास न लगे। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना, बाहर निकलते समय छाता, टोपी और धूप का चश्मा उपयोग करना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि खुले में काम करने वाले लोग सिर और शरीर को गीले कपड़े से ढकें और समय-समय पर आराम करें। यात्रा के दौरान पानी साथ रखें और शरीर में पानी की कमी पूरी करने के लिए ओआरएस, लस्सी, छाछ, नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें। हीट स्ट्रोक के लक्षण जैसे चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी या बेहोशी को नजरअंदाज न करें।

परामर्श में कहा गया है कि घर को ठंडा रखने के लिए पर्दों और दरवाजों का उपयोग करें, पंखे और गीले कपड़ों का सहारा लें तथा दिन में कई बार स्नान करें। कार्यस्थलों पर ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और श्रमसाध्य कार्य सुबह या शाम के समय किए जाएं।

प्रशासन ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। बच्चों और जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें। भारी, गहरे रंग के कपड़े पहनने से बचें और अत्यधिक प्रोटीन युक्त या बासी भोजन का सेवन न करें।

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