रामनगर , नवंबर 07 -- उत्तराखंड की नैनीताल पुलिस ने एक बार फिर अपनी त्वरित क्षमता से साबित कर दिया है कि संकट की घड़ी में वह जनता की सुरक्षा के लिए हर पल तत्पर है। डायल-112 पर मिली अपहरण की सूचना के बाद पुलिस ने कुछ ही घंटों में अपहृत युवक को सकुशल बरामद करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की पूरे जनपद में सराहना हो रही है। मामला गत 06 नवंबर 2025 का है, हरियाणा निवासी दीपक पुत्र माहवीर सिंह जो इन दिनों रामनगर के आस्थान अपार्टमेंट में रह रहे हैं, ने सुबह डायल-112 पर सूचना दी कि कुछ अज्ञात लोग उनके भाई राधा मोहन को जबरन वाहन में डालकर देवी दयाल बिल्डिंग के पास से ले गए हैं।

सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजुनाथ टी.सी. ने घटना का तत्काल संज्ञान लिया और सभी अधिकारियों को नाकाबंदी, बैरियर चेकिंग और संदिग्ध वाहनों की तलाशी के सख्त निर्देश दिए, निर्देश मिलते ही पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी श्री मनोज कत्याल स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया. एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीमों ने जिले की सीमाओं पर तुरंत बैरियर चेकिंग शुरू की,सभी थानों और चौकियों को संदिग्ध वाहन की तलाश में सक्रिय किया गया,पुलिस की सतर्कता और तेजी से की गई कार्यवाही के परिणामस्वरूप हल्दुआ चेकपोस्ट पर उक्त वाहन को रोक लिया गया,तलाशी के दौरान अपहृत युवक राधा मोहन को सकुशल बरामद किया गया। वहीं, वाहन में मौजूद सभी आठ लोगों को मौके पर ही हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई की गई और वाहन को सीज कर दिया गया।

बताया जाता है कि दीपक पुत्र माहवीर सिंह (निवासी बिरहिकलां, तहसील दादरी, जिला दादरी, हरियाणा) ने थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उनका भाई राधा मोहन वर्तमान में रामनगर स्थित देवी दयाल बिल्डिंग में रहकर पी.एन.जी. पी.जी. कॉलेज, रामनगर से स्नातक की परीक्षा की तैयारी कर रहा था।

घटना वाले दिन, यानी 6 नवंबर की सुबह करीब 9:30 बजे, दीपक अपने भाई राधा मोहन के साथ थे। तभी राधा मोहन के परिचित मोहित और सोमवीर अपने छह अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचे। आते ही उन्होंने राधा मोहन के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।

जब दीपक और उनके भाई ने गाली-गलौज का विरोध किया तो मोहित और सोमवीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर राधा मोहन की पिटाई की और जबरन वाहन में डालकर ले गए,यह पूरी वारदात कुछ ही मिनटों में हो गई।

घटना के बाद दीपक ने तत्काल सुबह करीब कल 10:18 बजे डायल-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें सक्रिय हो गईं और जिलेभर में बैरियर चेकिंग, नाकाबंदी और वाहनों की तलाशी शुरू की गई।

पुलिस की तेजी का परिणाम यह रहा कि कुछ ही घंटों में अपहरणकर्ताओं की गाड़ी हल्दुआ चेकपोस्ट पर रोक ली गई,पुलिस ने न सिर्फ अपहृत राधा मोहन को सकुशल बरामद किया, बल्कि घटना में शामिल आठों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

हिरासत में लिये गये आरोपियों में महित पुत्र जोगेन्द्र, निवासी गतवार भान कोसाम, भिवानी (हरियाणा), प्रियांशु पुत्र जोगेन्द्र, निवासी विध्यानगर कॉलोनी, थाना भिवानी (हरियाणा), निखिल पुत्र वीरेंद्र सिंह, निवासी भिवानी (हरियाणा), साहिल पुत्र अनिल, निवासी कैथल, थाना कैथल (हरियाणा), अनिल कुमार पुत्र बलवंत सिंह, निवासी भूषाण बवल, जिला भिवानी (हरियाणा), सोमवीर पुत्र मेघराज, निवासी खावा थाना बहल (हरियाणा), रोबिन पुत्र संदीप, निवासी मलपोप, थाना बोंदमला, जिला चरखी दादरी (हरियाणा) तथा गौरव पुत्र राकेश कुमार, निवासी बाड़की, थाना/जिला महेन्द्रनगर (हरियाणा) शामिल हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल मंजूनाथ टी.सी. ने पूरी टीम की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है, हर आपात सूचना पर समय से प्रतिक्रिया देकर अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुँचाना ही नैनीताल पुलिस की प्राथमिकता है। यह सफलता पुलिस के सामूहिक प्रयास, तत्परता और जनता के सहयोग का परिणाम है।

श्री मंजूनाथ ने कहा कि नैनीताल पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि जब कानून व्यवस्था पर तेज, सटीक और समन्वित प्रतिक्रिया दी जाती है, तो अपराधी कहीं भी छिप नहीं सकते।

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