भोपाल , दिसंबर 02 -- मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर और चंबल संभाग के 16 जिलों में 13 दिसंबर 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत के दौरान बिजली चोरी तथा अन्य अनियमितताओं से जुड़े प्रकरणों का समझौते के माध्यम से निराकरण किया जाएगा। कंपनी ने उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत लंबित मामलों में अनावश्यक कानूनी कार्यवाही से बचने हेतु संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क कर लोक अदालत में समझौता करें।
कंपनी के अनुसार विद्युत चोरी से संबंधित लंबित प्रकरणों तथा विशेष न्यायालयों में विचाराधीन मामलों के समाधान हेतु निम्नदाब श्रेणी के सभी घरेलू, सभी कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर-घरेलू तथा 10 अश्व शक्ति तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को ही निर्धारित छूट का लाभ दिया जाएगा।
प्रि-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा निर्धारित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जबकि निर्धारण आदेश के 30 दिवस बाद भुगतान में चूक की स्थिति में लगने वाले 16 प्रतिशत वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। लिटिगेशन स्तर पर सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत की छूट तथा विलंबित भुगतान पर लगने वाले 16 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज पर 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया है।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह छूट निर्धारित नियम व शर्तों के तहत केवल उन प्रकरणों पर लागू होगी जिनमें आकलित सिविल दायित्व राशि 10 लाख रुपये तक हो। यह लाभ केवल 13 दिसंबर 2025 को नेशनल लोक अदालत में समझौता करने पर ही उपलब्ध रहेगा।
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