बेंगलुरु , जनवरी 16 -- कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश में नेतृत्व बदलाव त्रिपक्षीय मामला है और इस पर सार्वजनिक रुप से चर्चा नहीं होनी चाहिए।
श्री शिवकुमार ने नयी दिल्ली में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने खुद श्री राहुल गांधी के साथ मुख्यमंत्री पद पर चर्चा की थी। उन्होंने जोर दिया कि नेतृत्व के मामले उनके, मुख्यमंत्री और कांग्रेस हाईकमान के बीच अंदरूनी बातचीत तक ही सीमित हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में फैली अफवाहों पर कहा, "मुख्यमंत्री का पद मेरे, मुख्यमंत्री और हाईकमान के बीच का मामला है। इस पर सार्वजनिक चर्चा नहीं होनी चाहिए।" उन्होंने आगामी असम चुनावों के सिलसिले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी बैठक के बारे में पूछे जाने पर जानकारी देने से मना कर दिया और कहा कि पार्टी की रणनीति पर सार्वजनिक रुप में चर्चा नहीं की जा सकती। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे मामलों पर कोई भी आधिकारिक संवाद पार्टी के महासचिव करेंगे। उन्होंने कहा, ''हम अपनी पार्टी की योजना कैसे बता सकते हैं , ऐसी चर्चा सिर्फ पार्टी स्तर पर होगी, जनता में नहीं।"श्री शिवकुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी का यह दौरा मुख्य रूप से पार्टी नेताओं से मिलने के लिए था और वह संगठनात्मक मामलों पर चर्चा के लिए दिल्ली गए थे। यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस दौरे के दौरान केन्द्रीय मंत्रियों से मिलेंगे, उन्होंने कहा कि मुख्य बिंदु कृषि परियोजनाओं से जुड़े ज़रूरी कानूनी मुद्दों पर होगा, जिसके लिए वह कानूनी विशेषज्ञों से भी सलाह लेंगे।
उन्होंने दोहराया कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों को पार्टी नेतृत्व अंदरूनी तौर पर सुलझाएगी।
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