जोधपुर , जनवरी 04 -- राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) की स्टेट ब्रांड एंबेसडर, समाजसेविका एवं हस्तकला कारीगर रुमा देवी ने रविवार को कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें नेतृत्व और निर्णय-निर्माण की भूमिका में स्थापित करना ही इसका वास्तविक उद्देश्य है।
श्रीमती रुमा देवी ने आज यहां लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित उद्योग हस्तशिल्प उत्सव के दौरान प्रदेश स्तरीय महिला उद्यमी सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि किस प्रकार ग्रामीण महिला कारीगरों की पारंपरिक कला को संगठित कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही न्यूयॉर्क में एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन के माध्यम से भारतीय महिला कारीगरों की कला को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
सम्मेलन की मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने रुमादेवी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वह महिला-नेतृत्व वाले जमीनी कार्यों को वैश्विक स्तर तक ले जाने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि रुमादेवी का कार्य यह दर्शाता है कि स्पष्ट दृष्टि और निरंतर प्रयासों के साथ स्थानीय हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा सकती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित