तेहरान , मार्च 18 -- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल इस बात को समझने में नाकाम रहे हैं कि इस्लामी गणराज्य ईरान की राजनीतिक व्यवस्था एक सुदृढ़ ढांचे पर आधारित है, जिसमें स्थापित राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संस्थान मौजूद हैं और किसी एक नेता की हत्या से इस व्यवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के शक्तिशाली सचिव अली लारिजानी की इजरायल द्वारा की गई हत्या से ईरान के नेतृत्व को कोई निर्णायक क्षति नहीं पहुंचेगी।
श्री अराघची ने कहा कि व्यक्तियों की क्षति के बावजूद ईरान की शासन व्यवस्था लचीली और मजबूत बनी हुई है, जिसे उन्होंने "बहुत सुदृढ़" प्रणाली बताया। उन्होंने अल जज़ीरा को दिए साक्षात्कार में कहा, "किसी एक व्यक्ति की मौजूदगी या अनुपस्थिति से इस ढांचे पर कोई असर नहीं पड़ता। निश्चित रूप से व्यक्तियों का प्रभाव होता है. लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि ईरान की राजनीतिक व्यवस्था एक बहुत मजबूत संरचना है।"यह साक्षात्कार उस समय प्रसारित हुआ जब ईरान ने बुधवार को पहले लारिजानी की मृत्यु की पुष्टि की। श्री अराघची ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान संघर्ष विराम के पक्ष में नहीं है, बल्कि शत्रुता के स्थायी अंत की मांग करता है। उन्होंने कहा, "हम संघर्ष विराम नहीं चाहते क्योंकि हम नहीं चाहते कि कुछ समय बाद यही स्थिति फिर उत्पन्न हो। हम चाहते हैं कि युद्ध पूरी तरह और हमेशा के लिए समाप्त हो। हम युद्धविराम में नहीं, बल्कि युद्ध के अंत में विश्वास करते हैं।"उन्होंने दोहराया कि यह संघर्ष तेहरान द्वारा शुरू नहीं किया गया और इसके परिणामों के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, "यह युद्ध हमारा युद्ध नहीं है। हमने इसे शुरू नहीं किया। अमेरिका ने इसे शुरू किया और इसके सभी मानवीय और आर्थिक परिणामों के लिए वही जिम्मेदार है, चाहे वह ईरान, क्षेत्र या पूरे विश्व के लिए हों।"श्री अराघची ने कहा कि अमेरिका और इजरायल अब तक यह स्वीकार नहीं कर पाए हैं कि ईरान की राजनीतिक व्यवस्था किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है और शीर्ष नेतृत्व के नुकसान से शासन व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।
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