तेल अवीव , फरवरी 28 -- इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान की सरकार से उत्पन्न "अस्तित्व पर खतरे" को निष्प्रभावी करने के उद्देश्य से संयुक्त अभियान शुरू किया है।
श्री नेतन्याहू ने कहा, "मेरे भाइयों और बहनों, इजरायल के नागरिकों, अभी एक घंटे पहले इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के आतंकी शासन से उत्पन्न अस्तित्व के खतरे को हटाने के लिए अभियान शुरू किया है।" उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के "ऐतिहासिक नेतृत्व" के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने ईरानी शासन की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले 47 वर्षों से वहां की व्यवस्था 'इजरायल की मौत' और 'अमेरिका की मौत' के नारे लगाती रही है तथा उसने इजरायलियों, अमेरिकियों और अपने ही नागरिकों के खिलाफ हिंसा की है। उन्होंने कहा, "इस हत्यारे आतंकी शासन को परमाणु हथियारों से लैस होने की अनुमति नहीं दी जा सकती, जो पूरी मानवता को खतरे में डाल सकते हैं।"श्री नेतन्याहू ने कहा कि अभियान का उद्देश्य ईरान को ऐसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने यह भी आशा जताई कि इससे ईरान की जनता को अपना भविष्य स्वयं निर्धारित करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने फारसी, कुर्द, अज़ेरी, बलोच और अहवाज़ी सहित ईरान के विभिन्न समुदायों का उल्लेख करते हुए उन्हें "तानाशाही के जुए को उतार फेंकने" और स्वतंत्रता तथा शांति के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
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