सागर , दिसंबर 11 -- मध्यप्रदेश में सागर जिले के मालथौन के रहने वाले नीलेश आदिवासी की आत्महत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश पुलिस को जांच में अक्षम मानते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह एसआईटी एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

मृतक नीलेश की पत्नी का आरोप है कि पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह और उनके सहयोगियों के कारण नीलेश ने आत्महत्या की, जबकि नीलेश के सौतेले भाई ने स्थानीय नेता गोविंद सिंह मालथौन को जिम्मेदार ठहराया।

सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को स्पष्ट किया है कि यदि जांच में गोविंद सिंह के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य भी मिले, तब भी उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई कोर्ट की अनुमति के बिना न की जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि एसआईटी का गठन तीन दिन के भीतर किया जाए और इसका नेतृत्व ऐसे आईपीएस अधिकारी को सौंपा जाए जो सीधी भर्ती के एसएसपी स्तर के हों और मध्यप्रदेश के मूल निवासी न हों।

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