बालोद , दिसंबर 31 -- छत्तीसगढ़ के बालोद जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी मुहिम नीर चेतना अभियान के तहत बुधवार को जिला मुख्यालय की जीवनदायिनी तांदुला नदी को उसके पुराने वैभव और स्वच्छ स्वरूप में लौटाने के उद्देश्य से वृहद श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस पुनीत कार्य में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।

कार्यक्रम में राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत बालोद की अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन, पद्मश्री शमशाद बेगम, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख एवं पवन साहू सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक एवं नूतन कंवर, एडीशनल एसपी मोनिका ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर मधुहर्ष और डिप्टी कलेक्टर प्राची ठाकुर उपस्थित रहे।

श्रमदान कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों, महिला कमाण्डो, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं, अधिकारी-कर्मचारियों, एनएसएस, रेडक्रॉस के सदस्यों, छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लेकर तांदुला नदी की साफ-सफाई की।

जिला प्रशासन ने इस अवसर पर जल संरक्षण, स्वच्छता और नदी के सतत संरक्षण का संदेश देते हुए नागरिकों से अपील की कि वे नदियों को स्वच्छ रखने में निरंतर सहभागिता निभाएं। नीर चेतना अभियान के माध्यम से तांदुला नदी के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में यह श्रमदान कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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