नैनीताल , अप्रैल 09 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (नीम) में वर्ष 2018 से 2022 के बीच कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय दे दिया है।

इस मामले में मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद अभी तक केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया है।

इस पर संबंधित पक्षों की ओर से अदालत से शपथपत्र दाखिल करने के लिए और समय देने का अनुरोध किया गया। खंडपीठ ने अनुरोध स्वीकार करते हुए उन्हें जवाब प्रस्तुत करने के लिए मोहलत प्रदान की और अगली सुनवाई तक अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि संस्थान में उक्त अवधि के दौरान अनियमितताओं के साथ रोजगार के नाम पर गड़बड़ियां की गईं। वहीं, राज्य और केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा गया है कि मामले में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है और संबंधित एजेंसियों की जांच में भी आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल, अदालत ने मामले में लगाए गए आरोपों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकार से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। अब अगली सुनवाई में सरकारों के जवाब पर आगे की कार्यवाही तय होगी। इस मामले में चार सप्ताह बाद सुनवाई होगी।

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