पटना , फरवरी 09 -- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि मत्स्य विकास भवन में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, जिससे मत्स्य पालकों को इसका लाभ मिले और बिहार मात्स्यिकी के क्षेत्र में प्रगति करे।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने आज मीठापुर स्थित मत्स्य विकास भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के क्रम में प्रथम तल पर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल, डायरेक्टर चेम्बर, वर्क स्टेशन का जायजा लिया। उन्होंने इसके बाद तुर्थ तल पर पहुंचकर वहां उपलब्ध करायी गयी सुविधाओं के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री कुमार को बताया कि मत्स्य निदेशालय अन्तर्गत इस मत्स्य विकास भवन का निर्माण कराया गया है। यहां राज्य के सभी 38 जिलों के किसानों को वैज्ञानिक और उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस नए भवन में एक साथ 120 किसानों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है। इस मत्स्य विकास भवन के प्रांगण में प्रशिक्षकों के आवासन के लिये छात्रावास का निर्माण भी कराया गया है। 54.39 करोड़ रूपये की लागत से 2.43 एकड़ में बना यह अत्याधुनिक मत्स्य विकास भवन, मछली पालन अनुसंधान केंद्र और आधुनिक प्रयोगशालाओं से सुसज्जित है। इस भवन में मत्स्य प्रक्षेत्र के विकास के संदर्भ में अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संबंधी कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि यथाशीघ्र मत्स्य एवं पशुपालन विभाग को इस नवनिर्मित मत्स्य विकास भवन में स्थानांतरित करें। इस भवन के प्रत्येक तल पर सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त ऊँचाई की रेलिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करायें। उन्होंने निर्देश दिया कि इस भवन में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, जिससे मत्स्य पालकों को इसका लाभ मिले और बिहार मात्स्यिकी के क्षेत्र में प्रगति करे।
श्री कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए हर जरूरी कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि रोड मैप के लागू होने से सब्जी, दूध, अंडा, मांस, फल सहित अन्य फसलों का उत्पादन बढ़ा है, जिससे किसानों को काफी लाभ मिल रहा है। बिहार को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में भी अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में हरसंभव कोशिश की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि,डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, मत्स्य निदेशक तुषार सिंग्ला, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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