बिहार विधानसभा नीतीश विकासपटना,0 4 दिसंबर (वार्ता) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार आने वाले पाँच वर्षों में राज्य के सभी क्षेत्रों में विकास की रफ्तार को और तेज करेगी।

श्री कुमार ने आज सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि सरकार का विशेष ध्यान प्रदेश के हर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने, उद्योगों को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल एवं पर्यटन को सुदृढ़ करने पर होगा।

मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि बिहार की जनता ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को प्रचंड जनादेश दिया है और केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में तेज गति से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है और अगले पाँच वर्षों में विकास कार्यों का विस्तार कई गुना होगा।

श्री कुमार ने रोजगार संबंधी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरी या रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के जरूरी प्रयास किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने अपने 20 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियाँ बताते हुए कहा कि 24 नवंबर 2005 को पहली राजग सरकार बनने के बाद बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ। आज राज्य में भय का माहौल नहीं है, बल्कि शांति, सद्भाव और भाईचारे का वातावरण है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य अवसंरचना को सुधारने को सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नए विद्यालय खोले गए हैं और लगातार हो रही शिक्षकों की नियुक्तियों के बाद सरकारी शिक्षकों की संख्या बढ़कर 5.2 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएँ चलाई जा रही हैं।

श्री कुमार ने स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन का जिक्र करते हुए कहा कि अस्पतालों में मुफ्त दवा और इलाज की सुविधा दी गई है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़कर 12 हो गई है और कई नए कॉलेज निर्माणाधीन हैं। पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (पीएमसीएच) और इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में मरीजों के लिए बेड की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरदराज़ के इलाकों से लोग छह घंटे में पटना पहुँच सकें, इस लक्ष्य को 2016 में हासिल कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि आज सड़कों, पुलों, बाइपास और एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण से राज्य के सुदूर क्षेत्रों से भी पटना तक की यात्रा का समय घटकर पाँच घंटे रह गया है।

श्री कुमार ने बताया कि प्रदेश में सड़क संपर्क को और मजबूत करने के लिए पाँच नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे, प्रखंड मुख्यालयों को जोड़ने वाली सड़कों का चौड़ीकरण होगा और पुल तथा बाइपासों का विस्तार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में विकास की रूपरेखा (2008 से लागू) का उल्लेख करते हुए कहा कि अनाज, फल, सब्जी, दूध, अंडा, मांस और मछली के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मछली उत्पादन 2.5 गुना से अधिक बढ़ा है, जिससे बिहार आत्मनिर्भर हुआ है और किसानों की आय में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अब कृषि क्षेत्र में विकास की चौथी रुपरेखा पर कार्य चल रहा है। उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षी "सात निश्चय" योजना की उपलब्धियाँ बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण बिहार में बड़ा परिवर्तन आया है। सात निश्चय एक और दो के तहत घर-घर बिजली, नल का जल, शौचालय और बस्तियों को जोड़ने वाली पक्की सड़कें उपलब्ध कराई गई हैं।

श्री कुमार ने कहा कि 2018 से ही हर घर को बिजली पहुँच चुकी है और अधिकांश उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिल रही है। इस योजना के तहत इच्छुक परिवारों को सोलर पैनल भी देने का प्रस्ताव रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंचायत राज संस्थाओं (2006) और नगर निकायों (2007) में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया गया। पुलिस और सभी सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने जीविका स्वयं-सहायता समूहों की सफलता बताते हुए कहा कि अब इसके 1.4 करोड़ सदस्य हैं, जिनसे महिलाओं के जीवन में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1.56 करोड़ महिलाओं को 10,000 रुपये दिए गए हैं और सफल उद्यम चलाने वाली महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की सहायता भविष्य में दी जाएगी।

श्री कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने सभी समुदायों के कल्याण पर ध्यान दिया है। मदरसों को सरकारी मान्यता दी गई है और उनके शिक्षकों को भी अन्य सरकारी शिक्षकों के बराबर वेतन मिलता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार बिहार के विकास में पूर्ण सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण, मखाना बोर्ड की स्थापना, नए हवाई अड्डों और पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में बिहार ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी की, जो राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि प्रगति यात्राओं (दिसंबर 2024 - फरवरी 2025) के दौरान सरकार ने विकास कार्यों की समीक्षा की और 430 नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी।

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