पटना , दिसंबर 08 -- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को विशेष आर्थिक जोन के रूप में विकसित किए जा रहे बक्सर जिले के नवानगर औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण किया।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने आज बक्सर जिला अंतर्गत नवानगर औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण कर कई औद्योगिक इकाईयों का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान वरुण वेबरेज लिमिटेड, बक्सर के पेप्सीको बॉटलिंग प्लांट एवं ड्रिंकिंग वाटर बॉटलिंग प्लांट का निरीक्षण किया। इस क्रम में मुख्यमंत्री ने वरुण वेबरेज लिमिटेड स्थित क्वालिटी इंश्योरेंस लैब आदि का जायजा लिया।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस पेप्सीको बोटलिंग प्लांट में ठंडा पेय पदार्थ के कई उत्पाद तैयार होते हैं, जिनमें पेप्सी, माउंटेन ड्यू, सेवेन अप, स्लाइस, स्टिंग, निंबुज, फीज आदि शामिल है।
वरुण वेबरेज लिमिटेड, बक्सर के कार्यालय में अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से मुख्यमंत्री को नवानगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित भूमि का रकवा संचालित औद्योगिक इकाइयां, निवेश, यहां तैयार होनेवाले उत्पादों के बाजार की उपलब्धता, औद्योगिक इकाईयों को दी जाने वाली सुविधाएं, रोजगार की उपलब्धता आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने इसके बाद भारत प्लस इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को इथेनॉल प्लांट के लिए उपलब्ध कराई गई भूमि, कर्मचारियों की संख्या, निवेश, उपलब्ध बाजार एवं प्रदान की जा रही अन्य बुनियादी सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी।
श्री कुमार ने नवानगर औद्योगिक क्षेत्र भ्रमण के दौरान एस.एल.एम.जी वेबरेज लिमिटेड के कोको कोला प्लांट, वाटर बॉटलिंग प्लांट आदि का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तैयार किए जा रहे शीतल पेय पदार्थ की प्रक्रिया, वाटर ट्रिटमेंट प्लांट, माइक्रो लैब, लेबोरेटरी आदि का मुआयना किया। इस औद्योगिक इकाई के लिए आवंटित भूमि का रकवा, कंपनी द्वारा निवेश की गई धनराशि, यहां तैयार होने वाले उत्पादों के बाजार की उपलब्धता, स्थानीय लोगों को मिल रहे रोजगार आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री श्री कुमार ने प्रस्तावित स्पेशल इकॉनॉमी जोन नवानगर में लगभग 125 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित सेज का जायजा लिया, जिसे बिहार के दो प्रमुख सेज में से एक माना जा रहा है। उन्होंने तैयारियों की समीक्षा करते हुए उद्योग विभाग द्वारा तैयार की जा रही कार्ययोजना और जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों की जानकारी ली, जिसमें सड़क, बिजली और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास शामिल है। नवानगर में कई फैक्ट्रियां पहले से ही हैं और भविष्य में और विस्तार की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि नवानगर को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में और विस्तार करने के लिए कार्य करें जिससे रोजगार के और नये अवसर पैदा होंगे। यह क्षेत्र बिहार के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा । नवानगर क्षेत्र को एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निवेश और रोजगार बढ़ाने की जरूरत है।
गौरतलब है कि बक्सर जिले में तीन औद्योगिक क्षेत्र बक्सर, नवानगर और डुमरांव है। नवानगर औद्योगिक क्षेत्र में संचालित प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में वरुण वेबरेज लिमिटेड, एस.एल.एम.जी वेबरेज लिमिटेड तथा भारत प्लस इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड है। नवानगर औद्योगिक क्षेत्र में कुल भूमि का रकवा 439.68 एकड़ है। इसमें संरचनाओं के निर्माण के लिये भूमि का रकवा 56.10 एकड़ है। यहां आवंटन योग्य भूमि का रकवा 383.58 एकड़ है, जिसमें 337.07 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है। रिक्त भूमि का रकवा 45.88 एकड़ है।
नवानगर औद्योगिक क्षेत्र में संचालित औद्योगिक इकाइयों के लिए डेडीकेटेड बिजली फीडर, वर्षा जल और औद्योगिक अपशिष्ट की निकासी के लिये नाला, सोलर स्ट्रीट लाइट, कामकाजी महिला छात्रावास, 24 घंटे पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती आदि हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई गई है। नवानगर औद्योगिक क्षेत्र बिहार का दूसरा विशेष आर्थिक जोन (स्पेशल इकोनॉमिक जोन) के रूप में प्रस्तावित है, जिनके कुल भूमि का रकवा 439.88 एकड़ में से 126.51 एकड़ भूमि विशेष आर्थिक क्षेत्र के रुप में विकसित करने के लिए चयन किया गया है।
विशेष आर्थिक जोन, नवानगर की मान्यता वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा 19 अक्टूबर 2024 को प्रदान किया गया। विशेष आर्थिक जोन में निर्यात करनेवाली कंपनियों को भूमि आवंटित की जाएगी, इन औद्योगिक इकाई द्वारा बनाए गए उत्पाद देश के बाहर और दूसरे राज्यों में भेजे जायेंगे, जिससे बिहार की प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ेगी। इससे राज्य की निर्यात में भागीदारी बढ़ेगी तथा बड़ी तदाद में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
श्री कुमार ने औद्योगिक क्षेत्र के निरीक्षण के बाद हवाई मार्ग से लौटने के क्रम में बक्सर में निर्मित गंगा पुल का हवाई सर्वेक्षण किया। बिहार से उत्तर प्रदेश को सम्पर्कता प्रदान करने वाला गंगा नदी पर निर्मित यह पुल है, जिसमें पुराना दो लेन पुल एवं नया फोर लेन पुल शामिल है। इससे बक्सर और उत्तर प्रदेश के बीच आवाजाही आसान होगा। साथ ही क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा एवं रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे।
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