रायपुर , दिसंबर 06 -- एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शंकरगढ़ की प्रतिभाशाली छात्रा निहारिका नाग ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली निहारिका ने मेहनत और प्रतिभा के बल पर राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव उद्भव-2025 में मिट्टीकला श्रेणी में स्वर्ण पदक हासिल किया। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से शंकरगढ़ सहित पूरे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में खुशी की लहर है।
निहारिका कक्षा 11वीं की छात्रा हैं। विद्यालय में प्रवेश के बाद उन्हें पहली बार मिट्टीकला में अपनी कला को निखारने का उचित मंच मिला। विद्यालय के अनुकूल वातावरण, पर्याप्त संसाधन और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने उनके कौशल को नई दिशा दी। निहारिका बचपन से ही मिट्टीकला में रुचि रखती थीं, जिसे एकलव्य विद्यालय ने सशक्त आधार प्रदान किया।
उनकी प्रतिभा पहली बार तब बड़े स्तर पर सामने आई जब उन्होंने जगदलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। राज्य स्तर की इस सफलता ने उन्हें राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन के लिए आत्मविश्वास दिया।
इसके बाद आंध्र प्रदेश में आयोजित 6वीं ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव उद्भव 2025 में निहारिका ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से राष्ट्रीय स्वर्ण पदक भी अपने नाम कर लिया। लगातार दो स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने न केवल अपने विद्यालय, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया।
निहारिका की इस सफलता के पीछे कला शिक्षक राहुल जंघेल और विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार तिर्की का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। दोनों ने उन्हें हर कदम पर प्रोत्साहित किया और उनकी कला को निखारने में अहम भूमिका निभाई।
निहारिका नाग की उपलब्धि उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सच्ची मेहनत, लगन और सही दिशा किसी भी विद्यार्थी को राष्ट्रीय मंच पर चमका सकती है।
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