भोपाल , जनवरी 20 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को दावोस प्रवास के दौरान वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम के वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की निवेश नीति, औद्योगिक क्षमताओं और उपलब्ध निवेश अवसरों को अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों और नीति-निर्माताओं के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। वे औद्योगिक निवेश, उन्नत तकनीक, पर्यटन, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और रक्षा उत्पादन जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों, नीतिगत स्पष्टता और दीर्घकालिक विकास दृष्टि की विस्तार से जानकारी देंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के साथ कई अहम समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाएंगे। इससे राज्य में निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन के नए अवसर खुलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उच्च स्तरीय संवादों में भी भाग लेंगे। इन संवादों में यूटिलिटी-स्केल ऊर्जा संक्रमण, निवेश जोखिम न्यूनीकरण और उप-राष्ट्रीय सरकारों की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इन सत्रों के माध्यम से ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं, निजी निवेश प्रोत्साहन और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मध्यप्रदेश मॉडल को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

पर्यटन क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश की उभरती संभावनाओं को प्रमुखता से रखा जाएगा। 'री-इमैजिनिंग टूरिज्म एट स्केल' विषयक विशेष सत्र में संस्कृति, विरासत, नवाचार और कनेक्टिविटी के समन्वय से पर्यटन को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनाने की रणनीति पर अंतर्राष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी, एविएशन और टूरिज्म क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ संवाद होगा।

ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, हेल्थकेयर, एफएमसीजी, एविएशन और उभरती तकनीकों से जुड़े वैश्विक उद्योग नेतृत्व के साथ मुख्यमंत्री की लक्षित वन-टू-वन बैठकें भी प्रस्तावित हैं। इन बैठकों का उद्देश्य मध्यप्रदेश में दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग, ठोस निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है। साथ ही 'इन्वेस्ट इन इंडिया: मध्यप्रदेश- ए स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट हब' सत्र के माध्यम से राज्य की औद्योगिक क्षमता, आधारभूत संरचना और सेक्टर-फोकस्ड नीतियों को वैश्विक निवेशकों के सामने रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव औपचारिक सत्रों के अलावा उद्योग जगत के साथ राउंड टेबल चर्चाएं, नेटवर्किंग मीटिंग और वैश्विक राजनीतिक प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। समग्र रूप से दावोस दौरा मध्यप्रदेश को निवेश, तकनीक और वैश्विक सहयोग के माध्यम से भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने की दिशा में निर्णायक पहल सिद्ध होगा।

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