कोलकाता , दिसंबर 08 -- तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में नयी बाबरी मस्जिद बनाने की अपनी प्रस्तावित परियोजना के मद्देनजर जानलेवा हमले की आशंका जताते हुए केंद्र और राज्य सरकार से अपने लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।

श्री कबीर ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से कहा, "तत्काल उपाय के तौर पर मैं कल से अपने लिए आठ निजी सुरक्षाकर्मी नियुक्त करूंगा क्योंकि 06 दिसंबर को बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने के बाद मुझे राज्य के बाहर से धमकी भरे फोन आ रहे हैं। धमकी भरे फोन आने के बाद मैंने सुरक्षा मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र को भी मेल किया है।" उन्होंने कहा कि वह 16 दिसंबर को बेंगलुरु जाएंगे और उसके बाद नोएडा जाएंगे।

उन्होंने कहा, "हालांकि राज्य सरकार ने अभी तक अपने सुरक्षाकर्मियों को नहीं हटाया है, लेकिन मुझे पश्चिम बंगाल पुलिस पर भरोसा नहीं है क्योंकि सत्तारुढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस बाबरी मस्जिद के लिए फंडिंग का आरोप भारतीय जनता परर्टी (भाजपा) पर लगा रही है।" उन्होंने कहा कि वह अपनी सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मी सुनिश्चित करने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय जा सकते हैं।

उन्होंने कहा, "मुझे जान से मारने की धमकी भरे फोन राज्य के बाहर से आ रहे हैं, बंगाल से नहीं।"इस बीच यू-टर्न लेते हुए, कबीर ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के अनुरोध के बाद अपनी भरतपुर विधानसभा सीट बनाए रखने का फैसला किया है।

सऊदी अरब के दो मौलवियों की मौजूदगी में रेजिनगर से रिमोट कंट्रोल के जरिए शिलान्यास करने के बाद श्री कबीर उस जगह गए जहां फरवरी से बाबरी मस्जिद बननी है, जबकि उनके सैकड़ों समर्थक ईंटें, लोहे की छड़ें और रेत की बोरियां लेकर इकट्ठा हुए और उन्हें एक सीमांकित धान के खेत में ढेर कर दिया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि फरवरी की शुरुआत में एक लाख हाफिज द्वारा सामूहिक पवित्र कुरान पाठ का आयोजन किया जाएगा।

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