वॉशिंगटन , जनवरी 04 -- ईरान के निर्वासित 'राजकुमार' रजा पहलवी ने वहां चल रहे विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। अमेरिका में रह रहे 65 वर्षीय श्री पहलवी ने अपने एक्स अकाउंट पर प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाया है।

रजा पहलवी ने रविवार को लिखा, "मेरे देशवासियों, मैं आप में से हर एक को सलाम करता हूं, जिन्होंने अपने साहस से पिछले हफ्ते खामेनेई और उनके शासन की नींद छीन ली। मैं खास तौर पर देशभक्त युवाओं और किशोरों को सलाम करना चाहता हूं, जिन्हें मैं जीत की पीढ़ी (जेनरेशन वी) कहता हूं। मैंने पहले भी कहा है, मुख्य मुद्दा सड़कों पर कब्जा करना और सरकार के दमन को रोकने और उसमें बाधा डालने के लिए सड़क जाम करना जारी रखना होगा।"उल्लेखनीय है कि ईरान में पिछले एक हफ्ते से महंगाई, बेरोजगारी आदि मुद्दों पर ईरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसे दबाने में प्रशासन पूरे जोर-शोर से लगा है। इस विरोध प्रदर्शन में अपुष्ट तौर पर छह-सात लोगों की जान जा चुकी है।

'राजकुमार' रजा पहलवी ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी के सबसे बड़े बेटे हैं और 1979 की क्रांति के बाद से वह निर्वासन में रह रहे हैं। वह अमेरिका के मैरीलैंड राज्य के पोटोमैक शहर में रहते हैं, जो अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी.सी. के काफी करीब है।

वे खुद को 'प्रतीकात्मक नेता' के रूप में पेश करते हैं, जो ईरान में धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक सरकार की स्थापना चाहते हैं। वे शाही राजपरिवार से आते हैं, लेकिन कई बार कहा है कि भविष्य में ईरान में राजशाही होगी या लोकतंत्र, इसका फैसला ईरानी जनता को करना चाहिए।

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