नयी दिल्ली , फरवरी 11 -- केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को देश के प्रमुख निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग निकायों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में निर्यातकों से विकसित देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों का अधिकतम लाभ उठाने और वैश्विक बाजारों में भारत की उपस्थिति मजबूत करने का आह्वान किया।
श्री गोयल ने जोर देकर कहा कि उद्योग जगत को अब नए बाजारों में पैठ बनाने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता पर विशेष ध्यान देना होगा।
बैठक में उद्योग जगत के नेताओं ने विशेष रूप से अमेरिका द्वारा भारतीय आयात पर लगने वाले अतिरिक्त 25% टैरिफ को हटाने के फैसले की सराहना की। उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, इस फैसले से न केवल व्यावसायिक विश्वास बहाल हुआ है, बल्कि लाखों लोगों का रोजगार भी सुरक्षित हुआ है।
श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकास भी, विरासत भी' मंत्र के तहत ये समझौते भारत के किसानों, कारीगरों और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को वैश्विक मंच प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि इन समझौतों से न केवल पारंपरिक औषधियों और योग के लिए नए अवसर खुलेंगे, बल्कि डेयरी और कृषि क्षेत्रों के हितों की भी पूरी रक्षा की गई है। ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हुए हालिया समझौतों को भारत के 'विकसित भारत मिशन' की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया।
बैठक के दौरान मंत्रालय ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ हुए व्यापारिक समझौते पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें बाजार पहुंच और अनुपालन ढांचे की रूपरेखा पेश की गई। इसके अलावा, निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत हुई प्रगति पर भी चर्चा हुई। उद्योग जगत ने निर्यात ऋण पर ब्याज सब्सिडी और एमएसएमई के लिए संपार्श्विक गारंटी जैसे उपायों का स्वागत किया।
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