भीलवाड़ा , फरवरी 24 -- राजस्थान में निजी बस और टैक्सी ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने आम जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है।

सोमवार रात 12 बजे से राज्य के करीब 35 हजार बसों के पहिए थमने से लाखों यात्री बीच रास्ते और बस स्टैंडों पर फंस गये हैं। भीलवाड़ा जिले में इस हड़ताल का व्यापक असर देखा जा रहा है, जहां ब्यावर, शाहपुरा, गंगापुर और चित्तौड़गढ़ मार्ग पर निजी वाहन नहीं दौड़ रहे हैं। हड़ताल के कारण भीलवाड़ा से देवली और ब्यावर जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के मुख्य चौराहों और बस स्टैंडों पर यात्रियों की भीड़ जमा है, लेकिन बसें न मिलने से लोग घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी विकट है कि अहमदाबाद और अन्य पड़ोसी राज्यों से भीलवाड़ा आये यात्री यहीं फंस कर रह गये हैं। लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों विशेषकर अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को कोई साधन न मिलने से भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

निजी बसों के बंद होने का सीधा दबाव राजस्थान रोडवेज और रेलवे पर आ गया है। भीलवाड़ा रोडवेज डिपो और रेलवे स्टेशन पर अचानक यात्रियों कीसंख्या में भारी इजाफा हुआ है। रोडवेज बसें खचाखच भरकर चल रही हैं, जिससे पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही है। कई मार्गों पर रोडवेज कीसंख्या कम होने के कारण लोग असुरक्षित वाहनों से चलने को मजबूर हैं।

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