अमरोहा , मई 07 -- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में स्मार्ट मीटर को लेकर जनता के बीच पनपा आक्रोश अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब विद्युत विभाग के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
अधिकृत सूत्रों ने बताया कि, कर्मचारी विद्युत विभाग में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी और आउटसोर्सिंग व्यवस्था से खासे नाराज हैं। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने सरकार को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि निजी कंपनियों की मनमानी पर जल्दी अंकुश नहीं लगाया गया और उनकी जायज मांगों की अनदेखी की गई, तो जल्द ही पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा विभाग के कार्यों को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया से लंबे समय से सेवा दे रहे संविदा कर्मियों की नौकरी और भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। संघ की मुख्य मांगों में कर्मचारियों के नियमितीकरण, वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करने और ठोस सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि बिजली व्यवस्था के निजीकरण का सीधा असर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की सेवाओं पर पड़ेगा, जिससे आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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