रांची , फरवरी 13 -- झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा संवाददाता सम्मेलन में लगाए गए आरोपों पर कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह से जिम्मेवारी पूर्वक निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए सजग है।
शहरी निकाय चुनाव में केंद्रीय सुरक्षा बलों की नियुक्ति की मांग पूरी तरह से हास्यास्पद एवं विवेकहीनता का परिचय देता है। एक तरफ केंद्रीय गृह मंत्री झारखंड को नक्सल मुक्त बताकर केंद्रीय सुरक्षा वालों की संख्या झारखंड में कम कर रहे हैं और झारखंड के शहरी निकाय चुनाव में भाग लेने वाले निवासियों के लिए भाजपा अध्यक्ष केंद्रीय सुरक्षा बलों की मांग कर रहे हैं यह विवेकशून्यता का परिचायक है।
देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सीसीटीवी के मसले पर कहते हैं कि सीसीटीवी लगाकर बहू बेटियों का चेहरा सार्वजनिक नहीं किया जा सकता जिसका भाजपा के केंद्रीय नेता समर्थन करते हैं,श्री साहू अपने नेताओं के विपरीत सीसीटीवी लगाने की मांग कर रहे हैं यह भाजपा नेताओं के दोहरे चेहरे को उजागर करता है।
श्री शांति ने कहा कि भाजपा नेताओं ने जितने दौरे करके चुनाव आयोग के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है उतने दौरे जनता के बीच करते और उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास करते तो आज भाजपा को यह दिन नहीं देखना पड़ता। 2014 से 2019 तक झारखंड के नगर निकायों में अधिकांश पार्षद,मेयर,डिप्टी मेयर,नगर विकासमंत्री,मुख्यमंत्री भाजपा के रहे, केंद्र में भी भाजपा शासन में थी लेकिन झारखंड के शहरों का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया,जनता से दूरी बनाने की कारस्तानी का फल भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को नगर निकाय चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
श्री शांति ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा चुनाव आचार संहिता की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही हैं।नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की उपस्थिति में पाकुड़ नगर परिषद अध्यक्ष पद की प्रत्याशी सम्पा साहा के समर्थन में भाजपा के चुनाव चिन्ह का पट्टा पहनकर भाजपा नेता शामिल हुए थे।लोकतंत्र का मखौल उड़ाने वालों भाजपा नेताओं से आचार संहिता के सुचिता के पालन की उम्मीद नहीं की जा सकती।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित