जयपुर , अप्रैल 13 -- राजस्थान की राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में लायन सफारी और टाइगर सफारी इन दिनों देशी-विदेशी सैलानियों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनी हुई हैं।
सहायक वन संरक्षक देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि इस उद्यान में रविवार को पर्यटकों का सैलाब उमड़पड़ा और बदलते मौसम के सुहावने मिजाज और छुट्टी के दिन के कारण पर्यटक प्रकृति की गोद मेंउमड़ आये हैं। इस दौरान 1704 पर्यटकों ने नाहरगढ़ जैविक उद्यान का भ्रमण कर वन्यजीवों का नजदीक से अवलोकन किया।
इस दौरान लायन सफारी और टाइगर सफारी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण बनी रही। 216 -216 पर्यटकोंने दोनों सफारियों का रोमांचक अनुभव प्राप्त किया और शेर एवं सफेद बाघ भीम एवं उसकी गोल्डन बहिन बाघिन स्कंधी की चंचल अदाओं को देख उत्साहित हुये। बाघों की गर्जना और शेरों के शाही ठाठ ने पर्यटकोंको मंत्रमुग्ध कर दिया। सफेद बाघ की राजस्थान की पहली सफारी बना नाहरगढ़ जैविक उद्यान नाहरगढ़ जैविक उद्यान में संचालित दो प्रमुख सफारियां 'टाइगर सफारी और लायन सफारी' इन दिनों जयपुरवासियोंऔर बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। शहर के मध्य में प्राकृतिक हरियाली और वन्यजीवों का यह संगम, लोगों को पारिवारिक सैर और रोमांच का अनूठा अनुभव प्रदान कररहा है। लोग सफेद टाइगर को सफारी में देखकर अभिभूत हुए।
उन्होंने बताया कि सफेद बाघ भीम और गोल्डन बाघिन स्कंधी को टाइगर सफारी में शिफ्ट किया गया है, रविवार से इन्हें टाइगर सफारी में पर्यटकों के दीदार के लिए छोड़ा गया है, पूर्व में इनकी अठखेलियां जैविक उद्यान में ही देखने को मिलती थी, अब यह सफारी एरिया को गुलजार करेंगे।
वन विभाग की सतत निगरानी और प्रबंधन के कारण नाहरगढ़ जैविक उद्यान आज राज्य के सर्वाधिक लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शुमार हो गया है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है, बल्कि पर्यटकों के लिए शिक्षाप्रद और मनोरंजक अनुभव का केंद्र भी बन गया है।
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