जयपुर , फरवरी 08 -- राजस्थान की राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में इस वर्ष महज 39 दिनों में 57 हजार से अधिक पर्यटक वन्यजीवों का दीदार करने आये और यह उद्यान सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
सहायक वन संरक्षक देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि रविवार को बदलते मौसम का सुहावना मिजाज और अवकाश के दिन का उत्साह बड़ी संख्या में पर्यटकों को नाहरगढ़ जैविक उद्यान की ओर खींच लाया और इस दौरान 3177 सैलानियों ने उद्यान का भ्रमण कर वन्यजीवों को नजदीक से देखने का अनुभव प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान लायन सफारी और टाइगर सफारी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं और 284 पर्यटकों ने दोनों सफारियों का रोमांचक अनुभव लिया। बाघों की गर्जना और शेरों की शाही चाल ने सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उन्होंने कहा कि नाहरगढ़ जैविक उद्यान में संचालित टाइगर सफारी और लायन सफारी इन दिनों न केवल जयपुरवासियों बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण बनी हुई हैं। शहर के समीप प्राकृतिक हरियाली और वन्यजीवों का यह संगम पर्यटकों को पारिवारिक सैर के साथ रोमांच का अनूठा अनुभव प्रदान कर रहा है।
उपवन संरक्षक विजयपाल सिंह के निर्देशन में उद्यान में पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वन विभाग की सतत निगरानी एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते नाहरगढ़ जैविक उद्यान आज राज्य के प्रमुख और लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शुमार हो गया है। यह उद्यान न केवल पर्यावरण संरक्षण का सशक्त उदाहरण है, बल्कि पर्यटकों के लिए शिक्षाप्रद एवं मनोरंजक अनुभव का केंद्र भी बनता जा रहा है।
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