नासिक , अप्रैल 07 -- महाराष्ट्र के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अधिकारियों ने नासिक जिले के दिंडोरी पंचायत समिति में रिश्वतखोरी के मामले का पर्दाफाश करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी सहित तीन सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार आरोपियों में भाऊसाहेब तुकाराम चव्हाण (खंड शिक्षा अधिकारी), निलेश निम्बा भारती (प्राथमिक शिक्षक) और देविप्रसाद चैतराम पाटिल (कनिष्ठ लेखाधिकारी, जिला परिषद नासिक) शामिल हैं। इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी दोनों शिक्षक हैं। उन्होंने 2002 से फरवरी 2026 तक के वेतन बकाया के भुगतान के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। इस प्रक्रिया में आरोपियों ने बिल आगे बढ़ाने और औपचारिकताएं पूरी करने के बदले रिश्वत की मांग की।
इस प्रशासनिक प्रक्रिया के दौरान यह सामने आया कि आरोपित व्यक्तियों ने बिलों को आगे बढ़ाने और आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बदले रिश्वत की मांग की।
खंड शिक्षा अधिकारी भाऊसाहेब चव्हाण पर आरोप है कि उन्होंने बिल प्रस्तुत करने के बदले कुल बिल राशि का एक प्रतिशत रिश्वत स्वीकार किया। वहीं, शिक्षक निलेश भारती ने प्रारंभ में कुल राशि का पांच प्रतिशत रिश्वत की मांग की, जिसे बाद में घटाकर तीन प्रतिशत कर दिया गया। जानकारी में यह भी सामने आया कि यह राशि आंशिक रूप से उनके स्वयं के लाभ के लिए और आंशिक रूप से जिला परिषद के अधिकारी देविप्रसाद पाटिल को देने के लिए ली गई थी। इस मामले में कुल 52,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार की गई।
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