वाशिंगटन , जनवरी 21 -- नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता "सुनी" विलियम्स 27 वर्षों की सेवा के बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी से सेवानिवृत्ति हो गयी हैं। यह उनके एक अत्यंत सफल मानव अंतरिक्ष उड़ान करियर का अंत है।
नासा ने बताया कि उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर 2025 से प्रभावी हुयी है।
सुश्री विलियम्स अपने रिकॉर्ड-तोड़ उपलब्धियों और नेतृत्व भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने आधुनिक अंतरिक्ष अन्वेषण को नया आकार देने में मुख्य भूमिका निभायी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस ) के तीन मिशनों में भाग लिया। अपने करियर के दौरान सुश्री विलयम्स ने कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए और वह समय बिताने के मामले में विश्व में दूसरे नंबर की नासा अंतरिक्षयात्री हैं।
नासा के प्रशासक जारेड आइजैकमैन ने कहा, "सुनी विलियम्स मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक मार्गदर्शक रही हैं।" श्री आइजैकमैन ने अंतरिक्ष स्टेशन पर उनके नेतृत्व और चंद्रमा के लिए भविष्य की आर्टेमिस मिशनों तथा मंगल के मिशनों के लिए आवश्यक विज्ञान और तकनीक को आगे बढ़ाने में उनके योगदान की प्रशंसा की।
सुश्री विलयम्स की कई उपलब्धियों में वह अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों में सबसे लंबी एकल अंतरिक्ष उड़ान के मामले में छठे स्थान पर हैं, उन्होंने 286 दिन का रिकॉर्ड बनाया, जो नासा के बोइंग स्टारलाइनर और स्पेस एक्स क्रू-9 मिशनों के दौरान हासिल हुआ और यह रिकॉर्ड उन्होंने अंतरिक्ष यात्री बच विलमोर के साथ साझा किया।
सुश्री विलियम्स ने नौ स्पेसवॉक किए, जिनका कुल समय 62 घंटे छह मिनट था, जो किसी महिला द्वारा सबसे अधिक है और इतिहास में कुल ईवीए समय के मामले में चौथा सबसे अधिक है। वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली व्यक्ति भी बनीं। उन्होंने पहली बार दिसंबर 2006 में स्पेस शटल डिस्कवरी के साथ एसटीएस-116 मिशन में उड़ान भरी और एसटीएस-117 क्रू के साथ स्पेस शटल अटलांटिस से वापस लौटीं। उन्होंने लम्बी यात्रा अभिया में फ्लाइट इंजीनियर के रूप में कार्य किया और उस मिशन के दौरान रिकॉर्ड तोड़ चार स्पेसवॉक किए।
सुश्री विलियम्स ने कहा, "जो कोई भी मुझे जानता है, वह जानता है कि अंतरिक्ष मेरा सबसे पसंदीदा स्थान है। अंतरिक्ष में तीन बार उड़ान भरने का अवसर मिला, यह मेरे लिए एक अद्भुत सम्मान है। मैंने नासा में 27 साल का शानदार करियर जिया, और यह मुख्य रूप से मेरे सहयोगियों के प्रेम और समर्थन के कारण संभव हुआ।
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