कोलकाता , दिसंबर 17 -- बंगाल की खाड़ी के बीच में सोमवार को एक बंगलादेशी जहाज से कथित टक्कर के बाद एक नाव के पलटने से लापता हुए दो भारतीय मछुआरों के शव बुधवार को बरामद कर लिए गए, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। दक्षिण 24 परगना में आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
शव पलटे हुए मछली पकड़ने वाले 'ट्रॉलर' के अंदर मिले। खोजी दस्ते ने मंगलवार शाम को इसे ढूंढ निकाला था। नाव को बुधवार तड़के काकद्वीप तट के पास मोयनापारा डॉक पर लाया गया। जहाज से पानी निकालने के बाद इंजन रूम से संजीव दास और रंजन दास के शव निकाले गये। संजीव काकद्वीप के पश्चिम गंगारामपुर के रहने वाले थे, जबकि रंजन पूर्वी मेदिनीपुर के पूर्बखाली दुराजपुर के रहने वाले थे।
मछली पकड़ने वाला एफबी परमिता 10 नाम का ट्रालर 16 मछुआरों के साथ रविवार को काकद्वीप के पास बंगाल की खाड़ी में गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिये निकला था। बंगलादेशी नौसेना के एक जहाज ने कथित तौर पर सोमवार तड़के इसे टक्कर मार दी, जिससे यह पलट गया।
इनमें से 11 मछुआरों को उसी मालिक के दूसरे ट्रॉलर के साथी मछुआरों ने बचाया। ट्रॉलर के अंधेरे, ठंडे पानी में पलटने के बाद पांच मछुआरे लापता हो गये थे। जिन्दा बचे सैफुद्दीन शेख ने आरोप लगाया कि बंगलादेशी नौसेना के जहाज से उन पर भाले फेंके गये। राजदुल अली शेख नाम के मछुआरे को भाला लगा और वह समुद्र में गिरकर लापता हो गया। उन्होंने कहा कि जब नौसेना का जहाज खतरनाक रूप से करीब आया तो राजदुल अली नाव के सामने खड़ा था।
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