जगदलपुर , दिसंबर 06 -- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में नालंदा जर्नल लाइब्रेरी निर्माण को लेकर जारी विवाद शनिवार को और तेज हो गया। विश्वविद्यालय परिसर की भूमि पर प्रस्तावित इस निर्माण के खिलाफ छात्र संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से तत्काल निर्णय वापस लेने की मांग की।

छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की भूमि केवल शिक्षण, अनुसंधान और छात्र-सुविधाओं के विस्तार के लिए आरक्षित है। ऐसे में किसी बाहरी निर्माण कार्य को न केवल अनुचित बल्कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता के खिलाफ बताया जा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और छात्रों की मांगों का समर्थन किया। कुलपति की उपस्थिति ने आंदोलन को नई ऊर्जा दी, जिससे विरोध और मुखर हो गया। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय की मौजूदा संरचना पहले से ही बढ़ती छात्र संख्या को ध्यान में रखते हुए विस्तार की मांग कर रही है, ऐसे में बाहरी अधोसंरचना के लिए भूमि आवंटित करना भविष्य के लिए नुकसानदायक होगा।

छात्र नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन जल्द ही नालंदा जर्नल लाइब्रेरी निर्माण के प्रस्ताव को निरस्त नहीं करता है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय की परिसंपत्तियों का संरक्षण छात्रों की सामूहिक जिम्मेदारी है और वे इस मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे।

विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि परिसर की भूमि शैक्षणिक गतिविधियों के लिए ही सुरक्षित रखी जानी चाहिए।

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