लखनऊ , अप्रैल 19 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक का विरोध करने को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के अन्य दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह आचरण न केवल महिला सम्मान के खिलाफ है, बल्कि ऐसा "अक्षम्य पाप" है, जिसे देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी।

रविवार को लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, लेकिन विपक्ष ने हर बार बाधा खड़ी करने का काम किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्षी दलों का व्यवहार लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत था और इससे उनकी नारी-विरोधी मानसिकता उजागर हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि यह विधेयक सर्वसम्मति से पारित होता तो पूरे सदन को इसका श्रेय मिलता और महिलाओं को 2029 से ही इसका लाभ मिल पाता।

योगी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया था कि किसी राज्य या वर्ग के अधिकारों में कोई कटौती नहीं होगी और सीटों का विस्तार संतुलित आधार पर किया जाएगा।

उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा जैसे दलों का उद्देश्य केवल परिवारवाद को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि ऐसे दल नहीं चाहते कि महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों को उनका अधिकार मिले।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की बात उठाने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि शाहबानो प्रकरण के समय कांग्रेस मौन रही और ट्रिपल तलाक समाप्त करने वाले कानून का भी कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दलों ने विरोध किया। इससे उनका दोहरा चरित्र सामने आता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना तथा महिला स्वयं सहायता समूहों जैसी अनेक योजनाएं संचालित की गईं, जिनसे करोड़ों महिलाएं लाभान्वित हुई हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना, महिला सुरक्षा अभियान और सरकारी नौकरियों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी राज्य में महिला सशक्तिकरण के उदाहरण हैं।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं, जबकि स्टार्टअप और एमएसएमई क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को नेतृत्व मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और स्वावलंबन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इसी नेतृत्व क्षमता को रोकने का प्रयास किया है।

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति कांग्रेस और इंडी गठबंधन के इस आचरण से आक्रोशित है और पूरा एनडीए महिलाओं के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने विपक्ष से अपने नारी-विरोधी व्यवहार के लिए माफी मांगने की मांग भी की।

प्रेस कांफ्रेंस में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी तथा एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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