चंडीगढ़ , अप्रैल 27 -- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का विरोध करने वाली राजनीतिक पार्टियों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिलाये हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं, तो उनके अधिकारों का विरोध क्यों किया जा रहा है।
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र के में उन्होंने कहा कि लोकसभा में इस अधिनियम को रोकना महिलाओंका अपमान है। उनके अनुसार, इससे देश की नारी शक्ति के सपनों को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपना अपमान कभी नहीं भूलतीं और समय आने पर इसका जवाब जरूर देंगी।
सुश्री राव ने कहा कि आज महिलाएं चिकित्सा, इंजीनियरिंग, विज्ञान, व्यवसाय और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं, बल्कि कई क्षेत्रों में आगे भी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक शिक्षित और सशक्त महिला पूरे परिवार और समाज को मजबूत बनाती है।
उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ', 'सुकन्या समृद्धि योजना', 'उज्ज्वला योजना', 'जन धन योजना' और 'मुद्रा योजना' का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। साथ ही रक्षा सेवाओं और शिक्षा संस्थानों में महिलाओं को नये अवसर दिये गये हैं।
राज्य सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। 'लखपति दीदी' और 'दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना' जैसी योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार हुआ है और मातृ मृत्यु दर घटकर 89 प्रति लाख जीवित जन्म हो गयी है। इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार से प्रदेश को 150 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिली है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ दल राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस अधिनियम का विरोध कर रहे हैं और समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल दिखावे से नहीं, बल्कि ठोस नीतियों से सुनिश्चित होता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित