नारायणपुर , जनवरी 19 -- ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक अवसरों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित नवोदय विद्यालय भ्रमण ने बच्चों की सोच को नई दिशा दी। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला धुरबेड़ा, ओरछा एवं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मोहंदी के कुल 40 विद्यार्थियों ने आज जवाहर नवोदय विद्यालय, नारायणपुर का शैक्षणिक भ्रमण किया, जहां उन्होंने आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और अनुशासित आवासीय वातावरण को निकट से देखा।
भ्रमण का नेतृत्व जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल, बीआरसी लक्ष्मीकांत सिंह (ओरछा) एवं शिक्षक साथियों ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समां बांध दिया। विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश से माइग्रेशन पर आए विद्यार्थियों के पारंपरिक नृत्य ने सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का प्रभावी संदेश दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के उपरांत विद्यार्थियों ने मेस, शैक्षणिक भवन, कक्षाएँ, कंप्यूटर लैब, भौतिकी एवं रसायन प्रयोगशालाएँ, कला लैब और संगीत कक्ष सहित विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया। जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल ने इस अवसर पर कहा कि "जवाहर नवोदय विद्यालय जैसी संस्थाएँ ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मंच प्रदान करती हैं," और विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम की सलाह दी।
कार्यक्रम में स्नातक सामाजिक विज्ञान शिक्षक कलामुद्दीन अंसारी ने JNVST प्रवेश प्रक्रिया और पीएम श्री गतिविधियों की जानकारी दी, जबकि गणित शिक्षक निखिल कुमार ने स्मार्ट कक्षाओं और सह-शैक्षणिक गतिविधियों की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। अंत में प्राचार्य के. कमलापादम ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप सर्वांगीण विकास पर बल देते हुए कहा कि भाषा, अभिव्यक्ति और कौशल विकास नवोदय शिक्षा की मूल पहचान है।
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