चंडीगढ़ , दिसंबर 06 -- शिरोमणि अकाली दल ने राज्य भर में उन सभी क्षेत्रों में नामांकन दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाई जाने की मांग की, जहां ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनाव के लिए अकाली दल के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र बड़े पैमाने पर खारिज कर दिये गये हैं।

पार्टी के वरिष्ठ नेता डाॅ दलजीत सिंह चीमा ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए चुनावों के लिए स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की मांग की और आम आदमी पार्टी की कठपुतली बनकर चुनावी माहौल खराब करने वाले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने सहित कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा, '' पार्टी उन निर्वाचन अधिकारियों के नाम भी सौंपेगी, जिन्होंने पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर विपक्षी नेताओं के सामूहिक आवेदनों को खारिज कर दिया और 2027 के आम चुनावों में उन्हे डयूटी पर नहीं रखे जाने की अपील करेगी। ''डाॅ चीमा ने राज्य चुनाव आयोग की कड़ी निंदा करते हुए कहा, '' यह राज्य चुनाव आयोग की ईमानदारी पर चिंताजनक सवाल उठाता है, क्योंकि यह निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से चुनावों की निगरानी करने में नाकाम रहा और पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा सहित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने से भी इंकार कर दिया, जिन्होने पुलिस अधिकारियों को विपक्षी उम्मीदवारों को अवैध और असंवैधानिक तरीकों का सहारा लेकर चुनाव अधिकारी के कार्यालयों तक पहुंचने से रोकने का निर्देश दिया था। ''वरिष्ठ अकाली नेता ने राज्य चुनाव आयोग से कहा कि वह सभी चुनाव अधिकारियों को बकाया राशि के बारे स्व-घोषणा पत्र लेने और बेबुनियाद आधार पर नामांकन पत्र अस्वीकार न करने के बारे तत्काल निर्देश दें। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग को खंड विकास अधिकारियों को नो ड्यूज सर्टिफिकेट न होने के बहाने नामांकन खारिज करके उम्मीदवारों को परेशान नहीं करना चाहिए और अनापत्ति प्रमाणपत्र हासिल करने के एक पारदर्शी तरीके का पालन करने का निर्देश देने की अपील की।

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