उज्जैन , जनवरी 9 -- मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले की एक अदालत ने नाबालिग के साथ बलात्कार करने के मामले में आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
उज्जैन जिले की तराना तहसील स्थित अपर न्यायालय की न्यायाधीश श्रीमती प्रेमा साहु ने घटिया थाना क्षेत्र के ग्राम रुद्राहेड़ा निवासी अरुण चौहान (22) को दोषी ठहराते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत 7 वर्ष का कारावास, धारा 65(1) बीएनएस के अंतर्गत 20 वर्ष का कारावास तथा पोक्सो एक्ट की धारा 3/4 एवं 5/6 के तहत 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही आरोपी पर कुल 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन के अनुसार 8 अक्टूबर 2024 को नाबालिग पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि वह घर से खेत पर गई थी, जहां से आरोपी उसे बहला-फुसलाकर शादी का झांसा देकर ले गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
पुलिस द्वारा आवश्यक अनुसंधान के बाद चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।
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