बैतूल , अप्रैल 10 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में पारधी समाज की महिलाओं ने एक नाबालिग बालिका के कथित अवैध विवाह के विरोध में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हर्षिता मानकर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि संबंधित बालिका की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 है, जिससे वह नाबालिग है, इसके बावजूद 11 मार्च 2026 को उसका विवाह कराया जाना कानून का उल्लंघन है।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि बालिका को बालिग दर्शाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उनका उपयोग कर विवाह संपन्न कराया गया। उन्होंने इसे गंभीर एवं सुनियोजित अपराध बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि इस संबंध में खंडवा जिले के महेश्वर थाने में पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। महिलाओं ने मामले में अंतरराज्यीय स्तर पर संलिप्तता की आशंका जताते हुए विस्तृत जांच की मांग की। हर्षिता मानकर ने आशंका जताई कि मामला संगठित तरीके से नाबालिगों को निशाना बनाने से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि पीड़िता की उम्र लगभग 16 वर्ष है और उसे बहला-फुसलाकर इस स्थिति में लाया गया है।

ज्ञापन में स्वतंत्र एजेंसी से जांच, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों पर कार्रवाई, पीड़िता की सुरक्षा एवं पुनर्वास, संभावित नेटवर्क की जांच तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने जैसी मांगें शामिल हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर वे उग्र आंदोलन करेंगी। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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