केंद्रापाड़ा , अक्टूबर 31 -- ओड़िशा में केन्द्रपाड़ा की एक अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-पोक्सो अधिनियम की विशेष न्यायाधीश प्रज्ञा परमिता राउल ने आरोपी बिक्रम बिस्वाल को यह सजा सुनाई और उस पर 52,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार साहू ने बताया कि केंद्रपाड़ा जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के प्रहराजपुर निवासी बिस्वाल ने 31 अक्टूबर, 2021 को एक 16 वर्षीय लड़की का अपहरण कर लिया और उसे अपने घर में बंधक बना लिया। जब लड़की के पिता ने उसे बचाने की कोशिश की तो आरोपी के परिवार के सदस्यों ने कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें धमकाया। शिकायत के बाद राजनगर पुलिस ने पीड़िता को बचाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

अदालत ने 17 गवाहों की गवाही के बाद ने बिस्वाल को दोषी पाया और गुरुवार को उसे सज़ा सुनाई। अदालत ने सबूतों के अभाव में उसके बुजुर्ग माता-पिता को बरी कर दिया ।

अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए छह लाख रुपये के सरकारी मुआवजे की भी सिफारिश की और केंद्रपाड़ा स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव को इसकी की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।

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